निचलौल CHC में गंदगी देख भड़के डीएम गौरव सिंह सोगरवाल, बोले- स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही…

महराजगंज के निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डीएम गौरव सिंह सोगरवाल के अचानक पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्हें कुछ व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, लेकिन कई जगहों पर फैली गंदगी और लापरवाही ने नाराज कर दिया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 18 July 2026, 7:59 PM IST

Maharajganj: जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचलौल में शनिवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल का औचक निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग के लिए सख्त संदेश लेकर आया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और जहां मरीजों के उपचार एवं स्टाफ की उपस्थिति संतोषजनक मिली, वहीं अस्पताल परिसर, आयुष्मान वार्ड, प्रसव कक्ष और अन्य वार्डों में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई।

इतने मरीजों का इलाज होना बाकी

निरीक्षण के समय ओपीडी में 249 मरीजों का उपचार किया जा चुका था, जबकि 17 मरीज इमरजेंसी में उपचाराधीन थे। जिलाधिकारी ने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और इलाज की गुणवत्ता की जानकारी ली।

बीपीएचयू लैब में अब तक 68 पैथोलॉजिकल जांचें और एक्स-रे इकाई में 9 मरीजों की जांच पूरी हो चुकी थी। डीएम ने निर्देश दिया कि 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की स्क्रीनिंग और जांच का विवरण अनिवार्य रूप से पहचान पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि किसी भी बच्चे की स्वास्थ्य निगरानी में कमी न रहे।

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एमसीएच विंग में संतोषजनक स्थिति

एमसीएच विंग में स्टाफ की उपस्थिति संतोषजनक मिलने पर उन्होंने सराहना की, लेकिन पीआईसीयू वार्ड खाली मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि हाई ग्रेड फीवर समेत जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप भर्ती कर समुचित उपचार दिया जाए। एसएनसीयू में भर्ती नवजातों की जानकारी लेते हुए उन्होंने उनके परिवारों को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने, रोस्टर के अनुसार सफाई कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने तथा संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था को मजबूत बनाने का आदेश दिया। उन्होंने मरीजों के बेडशीट रोज बदलने, बेड के पास रखी मेजों की नियमित सफाई और अस्पताल को पूरी तरह स्वच्छ रखने पर विशेष जोर दिया।

डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश

डीएम ने उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग, लाइन लिस्ट तैयार करने और आशा, एएनएम व स्टाफ नर्सों के माध्यम से समयबद्ध जांच व उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत समय से भुगतान कराने को भी प्राथमिकता देने को कहा।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में खड़े निष्प्रयोज्य वाहनों और जर्जर आवासों को नियमानुसार कंडम घोषित कर कार्रवाई करने, अग्निशमन से जुड़े सभी कार्य शीघ्र पूरे कराने तथा कर्मचारियों की मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा बीपीएचयू भवन तक जाने वाले मार्ग पर इंटरलॉकिंग कार्य जल्द पूरा कराने के आदेश दिए।

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निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि "स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पतालों की स्वच्छता और मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।"

इस दौरान सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, अधीक्षक डॉ. उमेश चंद सिंह, फिजिशियन डॉ. मनीष खन्ना, एलटी राजकुमार पाण्डेय, बीसीपीएम परेश्वर शाही सहित अन्य चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल कर्मचारी मौजूद रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  18 July 2026, 7:59 PM IST