
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ (Image: Social Media)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का जल्द ही शंखनाद होने वाला है। इस बीच सियासी सरगर्मियां और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्योरोपों का दौर भी जारी है। इन सबके बीच योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने का फैसला लिया है। JPNIC अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है और यह उनके कार्यकाल में ही बना था।
योगी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में मंगलवार को जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। JPNIC को 831 करोड़ में बेचा गया है और एलडीए के प्रस्ताव के मुताबिक रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और वृंदावन बॉटलर्स को JPNIC को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा। JPNIC के लिए दोनों कंपनियों को इसके लिए एलडीए को 831 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।
JPNIC यानी जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) लखनऊ के गोमती नगर में बनाया गया एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुई थी। साल 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश सरकार ने लखनऊ को एक बड़े सांस्कृतिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। इसी के तहत JPNIC बनाने का फैसला लिया गया। शुरुआत में इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 265.58 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य आगे बढ़ने के साथ इसकी लागत में लगातार बढ़ोतरी होती गई। साल 2014 तक इसकी लागत बढ़कर करीब 350 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि 2016 तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 865 करोड़ रुपये हो गया।
करीब 18 एकड़ क्षेत्र में फैला JPNIC एक 17 मंजिला विशाल इमारत है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन और कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस म्यूजियम, ऑल वेदर स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, 100 कमरों की व्यवस्था और करीब 1,200 वाहनों की पार्किंग जैसी सुविधाएं तैयार की गई हैं।
Location : Lucknow
Published : 25 August 2026, 7:26 PM IST