लखनऊ अग्निकांड: साथ पढ़ाई, साथ नौकरी और मौत भी आई एक साथ; पढ़ें दो दोस्तों की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने 15 जिंदगियां लील लीं। इसमें कानपुर के दो जिगरी दोस्तों, संयम और सूरजभान की भी मौत हो गई। दोनों एक ही एनिमेशन स्टूडियो में थे। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों के चिराग बुझ गए और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 June 2026, 9:56 AM IST

Lucknow/Kanpur: लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Aliganj Fire) ने न सिर्फ 15 मासूमों की जिंदगी छीन ली, बल्कि कई हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में कानपुर के दो बेहद पक्के दोस्त- 28 वर्षीय संयम विज और 25 वर्षीय सूरजभान सिंह भी शामिल हैं। दोनों युवक एक एनिमेशन स्टूडियो (Animation-Studio) में साथ काम करते थे और बरसों से गहरे दोस्त थे। आग लगने के समय दोनों बिल्डिंग के अंदर ही फंसे हुए थे। नियति का क्रूर खेल देखिए कि दोनों ने इस दुनिया को भी एक साथ ही अलविदा कह दिया।

पूरे इलाके में पसरा मातम

इस दोहरी त्रासदी की खबर जैसे ही कानपुर पहुंची, दोनों युवकों के मोहल्ले में मातम पसर गया। जो दोस्त पूरे इलाके में अपनी जिंदादिली के लिए जाने जाते थे, आज उनके घरों से सिर्फ चीखें और सिसकियां सुनाई दे रही हैं। पड़ोसियों और दोस्तों ने दोनों युवकों को खुशमिजाज, नेक दिल और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहने वाला बताया। इलाके में उनकी दोस्ती काफी मशहूर थी। वे साथ पढ़े, साथ काम किया और दुखद रूप से एक ही घटना में अपनी जान गंवा बैठे। दो होनहार युवा प्रोफेशनल्स के अचानक चले जाने से पूरा समुदाय स्तब्ध और शोकाकुल है।

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दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होना था, आ गई खुद की मौत की खबर

संयम विज (Sanyam Vij) के परिवार के लिए यह हादसा पहले से ही चल रहे दुख के दौर को और भी गहरा कर गया है। कानपुर के गोविंद नगर इलाके के ब्लॉक-11 में रहने वाला यह परिवार संयम की दादी के हालिया निधन का शोक मना रहा था। उनकी तेहरवीं (मौत के 13वें दिन का संस्कार) मंगलवार को होनी थी, और संयम के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर लौटने की उम्मीद थी। इसके बजाय, परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। रिश्तेदारों ने बताया कि कई साल पहले अपने पिता पुष्पराज विज की मौत के बाद से संयम ही परिवार का मुख्य सहारा बना हुआ था।

माँ को अब तक नहीं दी गई बेटे सूरजभान की मौत की खबर

यह नुकसान कानपुर के बर्रा-7 के रहने वाले सूरजभान सिंह (Surajbhan Singh) के परिवार के लिए भी उतना ही दुखद है। अपने पिता को पहले ही खो चुके सूरजभान अपनी माँ मीरा देवी और छोटे भाई सम्राट के लिए एक अहम सहारा थे। रिश्तेदारों के अनुसार, वह अक्सर वीकेंड पर घर आते थे और रविवार को काम के सिलसिले में लखनऊ लौटे थे, उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। परिवार के सदस्यों ने अभी तक उनकी माँ को उनकी मौत की खबर नहीं दी है, क्योंकि उन्हें डर है कि इस भावनात्मक सदमे से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

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अंतिम विदाई का इंतजार

इस दुखद घटना के बाद, रिश्तेदार और दोस्त कानपुर से लखनऊ पहुँचे और पोस्टमार्टम के बाद पीड़ितों के शवों के वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। जिन घरों में कभी शादी की योजनाओं और पारिवारिक मिलन-समारोहों पर चर्चा हो रही थी, वहाँ अब अंतिम संस्कार की तैयारियाँ की जा रही हैं।

Location :  Lucknow/Kanpur

Published :  23 June 2026, 9:56 AM IST