Jhansi News: झांसी में ज्ञापन देने पहुंचे थे अधिवक्ता, वीडियो बनाने को लेकर पुलिसकर्मी से बवाल

झाँसी में कानून के रखवालों और कानून के रक्षकों के बीच उस वक्त जोरदार टकराव देखने को मिला, जब अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे अधिवक्ता पुलिसकर्मी पर ही टूट पड़े।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 30 October 2026, 6:23 PM IST

Jhansi: झाँसी में कानून के रखवालों और कानून के रक्षकों के बीच उस वक्त जोरदार टकराव देखने को मिला, जब अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे अधिवक्ता पुलिसकर्मी पर ही टूट पड़े। आरोप है कि वकीलों ने न सिर्फ जेल चौकी प्रभारी के साथ अभद्रता की, बल्कि उन्हें दौड़ा लिया और उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। हालात ऐसे बने कि दरोगा को मौके से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। घटना की खबर मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।

वीडियो बनता देख अधिवक्ता भड़क उठे

दरअसल, पूरा मामला झाँसी के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर का है। जहां जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। इसी दौरान जेल चौकी प्रभारी वहां पहुंचे और मोबाइल फोन से प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का वीडियो बनाने लगे। बस फिर क्या था, वीडियो बनता देख अधिवक्ता भड़क उठे। देखते ही देखते विरोध ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि आक्रोशित वकीलों ने दरोगा के साथ अभद्रता की, उन्हें दौड़ा दिया और उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। जान बचाने के लिए चौकी प्रभारी को वहां से भागना पड़ा।

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विरोध प्रदर्शन शुरू

वहीं प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि उनका एक साथी अधिवक्ता अपनी समस्या लेकर कोतवाली पहुंचा था, लेकिन वहां कोतवाल ने उसकी बात सुनने के बजाय कथित तौर पर अभद्रता की और जेल भेजने की धमकी देकर थाने से भगा दिया। इतना ही नहीं, अधिवक्ता का दावा है कि जब वह इस पूरे मामले की शिकायत लेकर एसएसपी के पास पहुंचा तो वहां भी उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कथित पुलिसिया रवैये से नाराज अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कोतवाली प्रभारी, नवाबाद और सीपरी बाजार थाना प्रभारी के साथ जेल अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा।

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सवाल यह है कि जब न्याय की मांग करने वाले अधिवक्ता खुद अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंच रहे हैं, तो उनकी शिकायतों का निस्तारण आखिर क्यों नहीं हो रहा? लेकिन दूसरी तरफ वर्दीधारी पुलिसकर्मी के साथ कथित अभद्रता और मोबाइल तोड़ने का मामला भी कम गंभीर नहीं है। कानून सबके लिए बराबर है। न वर्दी को मनमानी का अधिकार है और न ही किसी को कानून हाथ में लेने की छूट। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे टकराव पर क्या कार्रवाई करता है।

Location :  Jhansi

Published :  30 October 2026, 6:23 PM IST