
इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (इमेज सोर्स- इंटरनेट)
Prayagraj: एक अधिवक्ता को पत्नी से गुजारा भत्ता की मांग करने की याचिका महंगी पड़ गयी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तथ्यों को छिपाने और एक्स वाइफ को नुकसान पहुंचाने के लिए अधिवक्ता को कड़ी फटकार लगाई और लाखों का जुर्माना भी ठोंक दिया।
कोर्ट ने कहा कि शारीरिक रूप से सक्षम और वकालत के पेशे से मौजूद याचिकाकर्ता ने न केवल अपने पक्ष में दिए गए गुजारा भत्ता को छिपाया बल्कि अपनी पत्नी के लिए गए पर्सनल लोन का पैसा भी रईसी जीवन जीने और शराब पीने में उड़ा डाला।
अब WhatsApp भी होगा पेड? जानिए Paid Plan में कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे एक्स्ट्रा
दरअसल, साल 2019 में 18 मई को अधिवक्ता ने एक लड़की से शादी की। उस वक्त दोनों ही कंपटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे थे। शादी के बाद पत्नी की इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपर निजी सचिव के पद पर नौकरी लग गई। जबकि पति लॉ से ग्रेजुएट होने और रजिस्टर्ड वकील होने के बावजूद बेरोजगार रह गया जिसके कुछ समय बाद दोनों में झगड़ा शुरू हो गया।
वकील की पत्नी ने बताया कि उसके पति ने फिर दोबारा 6 अक्टूबर 2022 को 13 लाख 56 हजार रुपये का लोन लिया। तब से वह 26 हजार 20 रुपये की किस्त भर रही है और वह 2028 तक भरती रहेगी। पत्नी ने कोर्ट को यह भी बताया कि उसके पति ने धोखाधड़ी से सारे पैसे अपने अकाउंट में ले लिए और उस पैसे से शराब पी गया।
राघव चड्ढा ने AAP छोड़ने और BJP में जाने का किया खुलासा, “टॉक्सिक कल्चर” को लेकर कही यह बात
पत्नी ने बताया कि वह पति की इन हरकतों से परेशान हो गई और 2025 में तलाक की याचिका दायर कर दी और पति ने मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर गुजारा भत्ते का आवेदन किया।
अदालत ने पूरे मामले पर विचार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने लोन की रकम का स्पष्ट रूप से दुरुपयोग किया है और उसकी मंशा साफ तौर पर गलत है। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए निर्देश दिया कि पति छह महीने के भीतर पत्नी को 15 लाख रुपये का भुगतान करे। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि तय समय में राशि नहीं दी जाती, तो इटावा के जिला मजिस्ट्रेट इसे भू-राजस्व बकाया की तरह वसूलेंगे और आरोपी की संपत्तियों की जांच भी कराई जाएगी।
Location : Prayagraj
Published : 27 April 2026, 12:55 PM IST