
चार्जिंग स्टेशन और बिजली संकट ने EV की रफ्तार रोकी
Gorakhpur: देशभर में बढ़ते ईंधन संकट और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब ऑटोमोबाइल बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। आम जनता अब ऐसी गाड़ियों की तलाश में है जिनका खर्च कम हो और जो लंबे समय तक राहत दे सकें। इसी बदलते ट्रेंड को समझने के लिए डाइनामाइट न्यूज़ की टीम गोरखपुर स्थित Jai Hyundai पहुंची, जहां यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर फ्यूल क्राइसिस के दौर में लोग किस तरह की गाड़ियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि बीते कुछ समय में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है। ऐसे में ग्राहक अब ऐसी गाड़ियां खरीदना चाहते हैं जिनमें रोजाना का खर्च कम हो। खासतौर पर मध्यम वर्गीय परिवार और नौकरीपेशा लोग अब माइलेज और ईंधन खर्च को सबसे बड़ी प्राथमिकता मान रहे हैं। जय हुंडई के सेल्स रिप्रेजेंटेटिव ने बताया कि CNG गाड़ियों की मांग में पिछले कुछ महीनों के दौरान तेजी से इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि FY2026 में पूरे देश में CNG वाहनों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है और अब यह कई मामलों में डीजल वाहनों से भी आगे निकलती दिखाई दे रही है।
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हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV को भविष्य की तकनीक माना जा रहा है, लेकिन गोरखपुर जैसे शहरों में अभी भी लोगों का भरोसा पूरी तरह EV पर नहीं बन पाया है। सेल्स प्रतिनिधि के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह चार्जिंग स्टेशन की कमी और बिजली से जुड़ी समस्याएं हैं। गोरखपुर और आसपास के इलाकों में कई बार लंबे समय तक बिजली कटौती होती है, जिससे लोगों को EV इस्तेमाल करने में दिक्कत महसूस होती है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा समय में CNG गाड़ियां लोगों के लिए सबसे संतुलित विकल्प बनकर सामने आ रही हैं। एक तरफ इनका रनिंग कॉस्ट पेट्रोल और डीजल के मुकाबले कम है, वहीं दूसरी तरफ ईंधन की उपलब्धता भी अपेाकृत आसान है। इसके अलावा CNG गाड़ियों की कीमत भी EV की तुलना में कम होती है, जिससे आम लोग इन्हें आसानी से खरीद पा रहे हैं।
गोरखपुर जैसे शहरों में ग्राहक सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि स्थानीय सुविधाओं को ध्यान में रखकर भी वाहन चुन रहे हैं। EV गाड़ियां अभी भी आम लोगों के बजट से थोड़ी महंगी मानी जाती हैं। वहीं चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह विकसित न होने के कारण लोग उन्हें रिस्क के तौर पर देख रहे हैं। इसके मुकाबले CNG वाहन कम खर्च में ज्यादा माइलेज और बेहतर सुविधा दे रहे हैं। यही वजह है कि लोग इन्हें ज्यादा भरोसेमंद विकल्प मान रहे हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ की पड़ताल में यह साफ तौर पर सामने आया कि फ्यूल क्राइसिस के बाद ऑटोमोबाइल बाजार का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। अब ग्राहक सिर्फ गाड़ी का लुक या फीचर नहीं देख रहे, बल्कि यह भी सोच रहे हैं कि आने वाले समय में कौन सा वाहन उनकी जेब पर कम बोझ डालेगा।
Location : Gorakhpur
Published : 23 May 2026, 5:20 PM IST