क्या बदलेगा मथुरा का ‘नक्शा’? सुप्रीम कोर्ट के कटघरे में शाही ईदगाह का भविष्य, जानिए क्या होगा फैसला?

मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अहम मोड़ ला सकती है। क्या मुकदमों के प्रतिनिधित्व का मामला फिर हाईकोर्ट लौटेगा?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 September 2026, 11:42 AM IST

Mathura: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े मामले में आज, 2 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। अदालत के सामने मुख्य सवाल यह है कि हिंदू पक्ष की ओर से दायर विभिन्न मुकदमों में सभी वादियों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2025 में एक आदेश पारित किया था। इसमें सूट नंबर 17 के वादियों को भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों की ओर से मुख्य प्रतिनिधि यानी Lead Suit के रूप में स्वीकार किया गया था। अब सूट नंबर 1 के वादियों ने हाईकोर्ट के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

बिना नोटिस आदेश देने पर उठे सवाल

सूट नंबर 1 के वादियों की दलील है कि हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को उचित नोटिस दिए बिना ही प्रतिनिधित्व से जुड़ा फैसला कर दिया। उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी वादियों को सुनवाई का अवसर दिया जाना जरूरी था।

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पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

इस मामले में 12 अगस्त 2026 को हुई पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि हाईकोर्ट को इस मुद्दे पर निर्णय लेने से पहले सभी वादियों को स्पष्ट रूप से नोटिस देना चाहिए था। शीर्ष अदालत की ओर से संकेत मिले थे कि प्रक्रिया में कमी पाए जाने पर मामले को दोबारा विचार के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा जा सकता है।

शाही ईदगाह कमेटी ने भी दी है चुनौती

इस विवाद में शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी की ओर से भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के कुछ आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कमेटी ने उन आदेशों पर सवाल उठाए हैं, जिनके जरिए हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल मुकदमों को सुनवाई के योग्य मानते हुए आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी।

13.37 एकड़ जमीन को लेकर है पूरा विवाद

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद का केंद्र मथुरा की करीब 13.37 एकड़ जमीन है। हिंदू पक्ष का दावा है कि इस भूमि के एक हिस्से पर शाही ईदगाह मस्जिद बनी हुई है। उनका आरोप है कि मुगल शासक औरंगजेब के शासनकाल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह को तोड़कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया था।

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हिंदू पक्ष की क्या है मांग?

हिंदू पक्ष का दावा है कि करीब 2.37 एकड़ हिस्से में शाही ईदगाह स्थित है। उनका कहना है कि यह स्थान श्रीकृष्ण जन्मभूमि का हिस्सा है और मस्जिद को हटाकर पूरी जमीन हिंदू पक्ष को सौंपा जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर अलग-अलग मुकदमे अदालत में दाखिल किए गए हैं।

मुस्लिम पक्ष ने 1968 के समझौते का दिया हवाला

मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और मुस्लिम पक्ष के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत दोनों धार्मिक स्थलों के एक साथ बने रहने को लेकर सहमति बनी थी। इसके अलावा मुस्लिम पक्ष Places of Worship Act, 1991 का भी हवाला देता रहा है।

आज की सुनवाई पर टिकी निगाहें

सुप्रीम कोर्ट की आज होने वाली सुनवाई में फिलहाल विवाद के मूल मालिकाना हक से ज्यादा मुकदमों की प्रक्रिया और प्रतिनिधित्व से जुड़े कानूनी सवाल अहम रहेंगे। सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि हिंदू पक्ष के मुकदमों की पैरवी का मुख्य अधिकार किसे मिलेगा और क्या प्रतिनिधित्व से जुड़ी प्रक्रिया दोबारा इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू करनी होगी।

Location :  Mathura

Published :  2 September 2026, 11:42 AM IST