जमानत मंजूर, घर आने से पहले मौत! कासगंज जेल में बंद कैदी की संदिग्ध मौत से उठे कई सवाल

कासगंज जिला जेल में बंद कैदी ओमकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। परिवार का आरोप है कि ओमकार पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी जमानत भी मंजूर हो चुकी थी। इलाज के लिए ले जाते समय मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए सहावर थाने में तहरीर दी है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 15 March 2026, 8:48 AM IST

Kasganj: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला जेल में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि उसके परिजनों का दावा है कि उसकी जमानत मंजूर हो चुकी थी और वह जल्द ही जेल से बाहर आने वाला था। डाइनामाइट न्यूज़ संवददाता के अनुसार, इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने पुलिस और जेल प्रशासन पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है।

कौन था मृतक?

मृतक कैदी की पहचान ओमकार पुत्र रामजीत के रूप में हुई है, जो कासगंज जिले के सहावर थाना क्षेत्र के मियासूर गांव का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, एक मामले में न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद 1 मार्च को सहावर कोतवाली के एक दरोगा ने ओमकार को हिरासत में लिया था। इसके बाद उसे जिला जेल कासगंज भेज दिया गया था।

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जल्द ही घर लौटने वाला था युवक

मृतक के भाई शिवानंद के अनुसार, 12 मार्च को उनकी ओमकार से फोन पर बात हुई थी। उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था और किसी तरह की परेशानी की बात नहीं कही थी। परिवार का कहना है कि ओमकार की जमानत भी मंजूर हो चुकी थी और वह जल्द ही घर लौटने वाला था।

लेकिन अगले ही दिन 13 मार्च को शाम करीब 7:30 बजे शिवानंद को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके भाई ओमकार की मृत्यु हो गई है और उन्हें जिला अस्पताल एटा पहुंचने के लिए कहा गया। जब शिवानंद ने मौत का कारण पूछने की कोशिश की तो फोन करने वाले ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और फोन काट दिया।

जेल प्रशासन ने क्या कहा?

यह सूचना मिलते ही शिवानंद अपने गांव के कई लोगों के साथ तुरंत जिला अस्पताल एटा पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि ओमकार का पोस्टमार्टम कासगंज के बजाय एटा मेडिकल कॉलेज में कराया गया है। अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मी संजय भदौरिया और एसआई हर्षवर्धन भदौरिया से भी परिवार ने घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

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जेल प्रशासन की ओर से बताया गया कि ओमकार की तबीयत अचानक खराब हो गई थी और उसे इलाज के लिए आगरा ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने जताई आशंका

हालांकि परिजनों को इस दावे पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि ओमकार पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी हालत बिगड़ने की सूचना भी परिवार को नहीं दी गई। उन्हें सीधे मौत की खबर दी गई, जिससे उन्हें साजिश की आशंका है।
शनिवार को मियासूर गांव के पास गंगा घाट पर ओमकार का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद उसके भाई शिवानंद ने सहावर कोतवाली में जेल प्रशासन और पुलिस के खिलाफ तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस घटना के बाद इलाके में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

Location : 
  • Kasganj

Published : 
  • 15 March 2026, 8:48 AM IST