कानपुर में नकली एंटी रेबीज वैक्सीन मामले में बड़ी कार्रवाई, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन पर FIR

कानपुर के बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसीज से जुड़े नकली एंटी रेबीज वैक्सीन मामले में औषधि विभाग की जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 28 September 2026, 7:46 PM IST

Kanpur: नकली एंटी रेबीज वैक्सीन के मामले में अब कानपुर में भी कानूनी कार्रवाई हुई है। औषधि विभाग की जांच के आधार पर बिरहाना रोड स्थित एक एजेंसी से जुड़े लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामला वैक्सीन की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और सप्लाई चैन की जांच के दौरान सामने आया।

भगीरथ पैलेस में पकड़ी गई थी संदिग्ध वैक्सीन

मामले की शुरुआत दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भगीरथ पैलेस से हुई थी। यहां जांच के दौरान एंटी रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट पकड़ी गई थीं। इसके बाद दिल्ली से जुड़े खरीद रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू हुई तो वैक्सीन की सप्लाई का एक सिरा कानपुर की न्यू आरजे एजेंसीज तक पहुंचा।

बिलों ने जोड़ा कानपुर का कनेक्शन

जांच में सामने आया कि दिल्ली की वीएस फार्मास्युटिकल्स ने न्यू आरजे एजेंसीज से अलग-अलग इनवॉइस के जरिए वैक्सीन खरीदी थी। इसी जानकारी के आधार पर कानपुर में संबंधित फर्म के स्टॉक और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।

यह भी पढ़ें - Kanpur Dehat News: CHC झींझक में पौधरोपण कार्यक्रम, स्वास्थ्यकर्मियों और वन विभाग ने भी बढ़ाया हाथ

औषधि विभाग की टीम जब न्यू आरजे एजेंसीज पहुंची तो वहां संबंधित वैक्सीन के वायल मिले। विभाग ने स्टॉक को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की। इसके साथ ही वैक्सीन कहां से आई और किन दस्तावेजों के आधार पर खरीदी गई, इसका रिकॉर्ड भी खंगाला गया।

खरीद के कागजों पर उठे सवाल

जांच के दौरान न्यू आरजे एजेंसीज की ओर से वैक्सीन की खरीद को लेकर एलेक्सिर क्योर से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। लेकिन एलेक्सिर क्योर के संचालक तरनदीप सिंह ने इन दस्तावेजों को अपनी फर्म से जारी होने से इनकार किया। यहीं से दस्तावेजों की सत्यता को लेकर जांच और गहरी हो गई।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट

औषधि निरीक्षक की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने न्यू आरजे एजेंसीज की संचालक बलजीत कौर, उनके पति राजिंदर सिंह और एलेक्सिर क्योर के संचालक तरनदीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल समेत अन्य बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

यह भी पढ़ें - Kanpur Dehat: कानपुर देहात में ‘वोट चोरी’ के आरोपों में कांग्रेस का हल्लाबोल, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

अब सप्लाई चेन खंगाल रही जांच एजेंसियां

मामले में पुलिस और औषधि विभाग का फोकस अब इस बात पर है कि संदिग्ध वैक्सीन की खरीद और बिक्री का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। किन फर्मों के जरिए स्टॉक आगे भेजा गया और दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी कैसे हुई, इसकी पड़ताल की जा रही है।

Location :  Kanpur

Published :  28 September 2026, 7:46 PM IST