
कानपुर देहात में गरजे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Img: Dynamite News)
Kanpur Dehat: ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मंगलवार को कानपुर देहात के झींझक कस्बे में भव्य स्वागत किया गया। समाजसेवी संतोष त्रिपाठी के नेतृत्व में नहर पुल पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उनका माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।
इस दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनका प्रमुख उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की बात की जाती है, जबकि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय को माता का स्थान प्राप्त है। उन्होंने उपस्थित लोगों से हाथ उठवाकर संकल्प दिलाया कि जो व्यक्ति गाय को माता मानने से इंकार करेगा, उसे पशु कहेगा या गौमाता को कष्ट पहुंचाने वालों का समर्थन करेगा, उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कानपुर देहात में स्वागत
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद सबसे पहले गौमाता को उचित सम्मान और संवैधानिक पहचान दिलाने का कार्य होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब समय आ गया है कि जनप्रतिनिधि और सरकारें इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि मतदाता भी उन नेताओं का समर्थन करें जो गौमाता को माता के रूप में सम्मान दिलाने का प्रयास करेंगे।
श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया
शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार से भी गाय को माता घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि केवल मौखिक रूप से गाय को माता कह देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए आधिकारिक घोषणा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिशा में पहल करते हैं तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान होगा।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने श्रद्धालुओं से कहा कि चुनाव में अबकि बार न सड़क निर्माण चाहिए न नाली निर्माण चाहिए, अबकि बार चाहिए तो सिर्फ गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा चाहिए। इस दौरान मौजूद श्रद्धालुओं ने उनकी बात पर समर्थन किया।
Location : Kanpur Dehat
Published : 2 June 2026, 3:18 PM IST