बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड में नौकरी दिलाने के नाम पर दो सगे भाइयों से 6.50 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिचित ने रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जांच में पूरी तरह जाली निकला। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।

ठगी (Img: Google)
Bareilly: बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड में नौकरी दिलाने के नाम पर दो सगे भाइयों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिचित ने भरोसे में लेकर 6.50 लाख रुपये ले लिए और बदले में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। अब पीड़ित ने एसएसपी अनुराग आर्य से मामले की शिकायत की है। एसएसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
सिविल लाइंस मिशन कंपाउंड निवासी डार्विन डेविड के अनुसार होटल पंचम के सामने चौबे वाली गली निवासी एडमिन हरमन से पारिवारिक परिचय था। इसी भरोसे पर आरोपी ने कहा कि वह डार्विन डेविड और उनके भाई क्लाइव फ्रांसिस डेविड को कैंटोनमेंट बोर्ड बरेली में नौकरी लगवा देगा, लेकिन इसके लिए खर्च करना पड़ेगा। पीड़ित का आरोप है कि सितंबर 2024 में अलग-अलग तारीखों पर नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल करीब 6.50 लाख रुपये आरोपी को दिए गए। इसमें 50 हजार रुपये आरोपी के पुत्र आशीष हरमन के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
रुपये लेने के बाद आरोपी ने कैंटोनमेंट बोर्ड का नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइन करने को कहा। जब पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने बताया कि पत्र पूरी तरह फर्जी है, जिस पर नकली हस्ताक्षर और जाली मुहर लगी हुई है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पीड़ित ने आरोपी से रुपये वापस करने या नौकरी दिलाने की मांग की, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पीड़ित के मुताबिक मिशन कंपाउंड स्थित चर्च के बाहर आरोपी एडमिन हरमन से मुलाकात हुई। रुपये मांगने और पुलिस में शिकायत की बात कहने पर आरोपी भड़क गया। आरोप है कि उसने तमंचा निकालकर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि जहां शिकायत करनी है कर लो, पैसे नहीं मिलेंगे।
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घटना के बाद से पीड़ित और उसका परिवार दहशत में है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी पिता-पुत्र से उसकी जान को खतरा बना हुआ है और दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की है। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसएसपी अनुराग आर्य से की। एसएसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी एडमिन हरमन और उसके पुत्र आशीष हरमन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।