बड़ी माता मंदिर में जूते पहनकर पहुंची महिला दरोगा, पुजारियों ने दी कपाट बंद करने की चेतावनी

झांसी के मऊरानीपुर स्थित बड़ी माता मंदिर में जूते पहनकर पहुंचने के आरोप में महिला दरोगा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुजारियों ने विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की और मंदिर के कपाट अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी है। मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 October 2026, 7:39 PM IST

Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र स्थित पुरानीमऊ के प्रसिद्ध बड़ी माता मंदिर में एक महिला उपनिरीक्षक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि नवरात्रि की नवमी के दिन महिला दरोगा मंदिर परिसर में जूते पहनकर घूमती नजर आईं। घटना से जुड़ा बताया जा रहा सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। मामले को लेकर मंदिर के पुजारियों ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

वायरल वीडियो को लेकर पुजारियों में नाराजगी

जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर में महिला उपनिरीक्षक के जूते पहनकर पहुंचने पर पुजारियों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों की अपनी परंपराएं और मर्यादाएं होती हैं, जिनका सम्मान हर व्यक्ति को करना चाहिए। आरोप है कि जब एक पुजारी ने महिला उपनिरीक्षक को जूते पहनकर मंदिर परिसर में आने से मना किया, तो उन्होंने कथित तौर पर रौब दिखाया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, वायरल बताए जा रहे फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि और घटनाक्रम की पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है। महिला उपनिरीक्षक का पक्ष और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।

कार्रवाई नहीं हुई तो बंद होंगे मंदिर के कपाट?

मामले को लेकर पुजारियों ने धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो मंदिर के कपाट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस चेतावनी के बाद मामला धार्मिक आस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े सवाल खड़े कर रहा है। पुजारियों की नाराजगी के बीच अब पुलिस प्रशासन के रुख पर नजर बनी हुई है।

जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार

मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर परंपराओं का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है। वहीं, किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल महिला उपनिरीक्षक पर लगाए गए आरोपों और कथित वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन मामले की जांच कराता है या नहीं और पुजारियों की मांग पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Location :  Jhansi

Published :  26 October 2026, 7:39 PM IST