कौशाम्बी में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

महंगाई ने तोड़ी आम जनता की कमर
Kaushambi: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में शनिवार को उस वक्त माहौल गर्मा गया जब महंगाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। देश में एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और बढ़ती किल्लत के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने पूरे जोरों से हल्लाबोल किया। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर नारेबाजी, प्रदर्शन और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई ने आम जनता और प्रशासन दोनों को चौकन्ना कर दिया। यह विरोध केवल राजनीतिक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग की रोजमर्रा की जिंदगी पर गहराते संकट का आईना भी था।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे AAP जिलाध्यक्ष मो० इलियास खान ने साफ कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर पर 120 रुपये की बढ़ोतरी सीधे आम आदमी की जेब पर चोट है। उनका कहना था कि यह वृद्धि न केवल घरों को प्रभावित कर रही है, बल्कि छोटे कारोबारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों के लिए भी आर्थिक संकट पैदा कर रही है।
AAP कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नारे लगते रहे, बैनर और पोस्टर हाथ में लिए गए, जिनमें महंगाई और गैस किल्लत के विरोध में संदेश लिखे हुए थे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान और मार्गदर्शन का भी असर देखा गया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग रखी कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि तुरंत वापस ली जाए और बाजार में गैस की किल्लत को दूर करने के ठोस कदम उठाए जाएं।
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प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि गैस की बढ़ी हुई कीमत और सप्लाई की कमी आम लोगों की जिंदगी को सीधे प्रभावित कर रही है। छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है। AAP किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अर्चना गौतम ने बताया कि बढ़ती महंगाई ने किसानों और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। निलेश कुमार चौरसिया, राम लखन मौर्य, आशिक अली, राजेंद्र विश्वकर्मा, राजू श्रीवास्तव और अफरोज बेगम सहित कई अन्य कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए और महंगाई के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया।
प्रदर्शन का एक प्रमुख उद्देश्य सरकार को चेतावनी देना था। AAP ने स्पष्ट किया कि यदि गैस की कीमतों में कमी नहीं की गई और सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर बड़े पैमाने पर जन आंदोलन छेड़ेगी। मो० इलियास खान ने कहा, "सरकार को आम जनता की समस्याओं से आंखें मूंदकर नहीं बैठना चाहिए। आज कौशाम्बी में हमने अपनी आवाज उठाई है, कल यह आवाज पूरे देश में गूंज सकती है।"
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प्रदर्शन के दौरान यह बात भी सामने आई कि एलपीजी सिलेंडर की महंगाई और किल्लत सीधे किसानों और छोटे कारोबारियों पर असर डाल रही है। छोटे रसोई व्यवसाय, फूड स्टाल और रेहड़ी-पटरी वाले अब गैस की उपलब्धता के लिए चिंतित हैं। AAP किसान प्रकोष्ठ के नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने जल्दी कदम नहीं उठाए, तो न सिर्फ उपभोक्ता बल्कि छोटे व्यवसायिक वर्ग भी बड़ी आर्थिक मुश्किलों में फंस जाएगा।