बलरामपुर सदर तहसील में लेखपालों का बेमियादी धरना, एसडीएम पर अभद्रता का आरोप; राजस्व कार्य ठप

बलरामपुर सदर तहसील में उपजिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बीच विवाद अब आंदोलन का रूप ले चुका है। एसडीएम पर कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इसके चलते आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज और किसान रजिस्ट्री समेत कई राजस्व सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 28 July 2026, 5:56 PM IST

Balrampur: बलरामपुर सदर तहसील में उपजिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बीच शुरू हुआ विवाद अब बड़े प्रशासनिक गतिरोध में बदल गया है। मंगलवार सुबह से लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया, जिससे तहसील स्तर पर होने वाले लगभग सभी राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो गए हैं। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से लेकर दाखिल-खारिज तथा किसान रजिस्ट्री जैसे जरूरी काम ठप पड़ गए हैं। इससे दूर-दराज से आए लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ रहा है।

समीक्षा बैठक में शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोमवार शाम तहसील सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान हुई। उपजिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व कार्यों और किसान रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की जा रही थी। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी का आरोप है कि उन्होंने बैठक के दौरान क्षेत्र में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और किसान रजिस्ट्री से जुड़ी दिक्कतों को अधिकारियों के सामने रखा। उनका आरोप है कि इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, बैठक से बाहर जाने को कहा और मौखिक रूप से निलंबन की चेतावनी भी दी।

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लेखपालों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन आंदोलन

इस घटना से नाराज लेखपालों ने सोमवार रात आपात बैठक कर आंदोलन का निर्णय लिया। मंगलवार सुबह दस बजे से उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर तहसील इकाई के बैनर तले सभी लेखपाल धरने पर बैठ गए और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी लेखपालों की मांग है कि एसडीएम अपने कथित व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करें और भविष्य में कर्मचारियों के सम्मान का ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

धरना शुरू करने से पहले लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। संघ के तहसील अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि एसडीएम की सार्वजनिक माफी से पहले कोई भी लेखपाल काम पर नहीं लौटेगा।

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जनता की बढ़ीं मुश्किलें

धरने में अमित तिवारी, तहसील मंत्री नेहा मिश्रा, सुशील कुमार, प्रीति गुप्ता, मनीष कुमार गुप्ता, पुनीत मिश्रा, दुष्यंत श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, राहुल सिंह समेत बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल रहे। कार्य बहिष्कार का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ रहा है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज और किसान रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। तहसील पहुंचने वाले कई लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ रहा है।

Location :  Balrampur

Published :  28 July 2026, 5:56 PM IST