
रायबरेली में वट सावित्री व्रत का उत्साह
रायबरेली: जनपद में आज सुहागिनों ने वट सावित्री व्रत पर बरगद की पूजा। बरगद के समक्ष पूरे विधि विधान पूर्वक की पूजा अर्चना की गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सुहागिनों ने बरगद की पूजा करके अपने सुहाग के लिए लंबी उम्र का वरदान मांगा साथ ही अनेक महिलाओं ने संतान प्राप्ति के लिये भी उपासना की। आज सुबह से ही भारी संख्या में वटवृक्ष के आसपास महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी।
पंडित अमित शास्त्री ने बताया कि वट सावित्री व्रत के प्रभाव से न केवल पति की दीर्घायु प्राप्त होती है, बल्कि वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि भी बनी रहती है। इस व्रत में विधिपूर्वक पूजा करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। खास बात यह है कि इस वर्ष व्रत के दिन एक बेहद दुर्लभ संयोग बना है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार वट सावित्री व्रत सोमवार को पड़ रहा है, जिससे यह सोमवती अमावस्या भी बन रही है। यह संयोग अत्यंत दुर्लभ और सौभाग्यशाली माना जाता है। साथ ही, चंद्रमा इस दिन अपनी उच्च राशि वृषभ में संचार करेगा, जो शुभ संकेत है।
व्रती महिला ममता सिंह ने बताया कि हमारे हिन्दू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। हर साल ज्येष्ठ मास के अमावस्या को वट सावित्री व्रत किया जाता है। जो सुहागिन महिलाएं इस व्रत को विधि-विधान से करतीं हैं, उन्हें अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त होता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं।
वट सावित्री व्रत को लेकर सुनीता द्विवेदी ने कहा कि यह व्रत हिंदू संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए यह व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सबसे पहले राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लेने के लिए इस व्रत का पालन किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। वटवृक्ष की पूजा कर महिलाएं अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। सुनीता द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक सुहागन को यह व्रत श्रद्धा से करना चाहिए।
Location : Raebareli
Published : 26 May 2025, 12:50 PM IST