
जांच करने पहुंचे बड़े अफसर
Maharajganj: सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और लापरवाही के किस्से अक्सर कागजों तक ही दबे रह जाते हैं, लेकिन इस बार मामला सड़कों पर आ गया। महराजगंज के पनियरा विकास खंड स्थित ग्राम पंचायत महुअवा शुक्ल में करोड़ों रुपये की योजना के तहत हो रहे नाली निर्माण ने हड़कंप मचा दिया। घटिया ईंटों और मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाए जाने का आरोप जब सामने आया तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मामला मीडिया तक पहुंचा और फिर सिस्टम को हरकत में आना पड़ा।
ग्राम पंचायत महुअवा शुक्ल में ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत करीब 2 करोड़ 34 लाख 69 हजार रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। इसी टंकी परिसर से जल निकासी के लिए कार्यदायी संस्था जेएमसी (JMC) द्वारा नाली निर्माण कराया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नाली निर्माण में निम्न गुणवत्ता की ‘सेम ईंट’ लगाई जा रही थी। इसके साथ ही बालू और सीमेंट के अनुपात में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी। इससे नाली की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए थे और भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही थी।
शुक्रवार को ग्राम प्रधान डीएन गुप्ता के नेतृत्व में ग्रामीणों ने घटिया निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि करोड़ों की योजना में ठेकेदार मनमानी कर रहा है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के बाद मामला तूल पकड़ गया।
डाइनामाइट न्यूज पर खबर चलने के बाद शनिवार को जल निगम के सहायक अभियंता महेश चंद आजाद, जेएमसी के प्रोजेक्ट मैनेजर डीके अग्रवाल और साइट इंजीनियर प्रदीप सिंह गांव पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री की जांच की, जिसमें ईंटों की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई।
AE महेश चंद आजाद ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार्यस्थल से सभी घटिया ‘सेम ईंट’ हटवाने के निर्देश दिए। वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर डीके अग्रवाल ने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि अगर मानकों के विपरीत काम हुआ तो निर्माण कार्य रुकवा दिया जाएगा।
ग्रामीण राजेश्वर त्रिपाठी, प्रदीप यादव, शिव शंकर शर्मा और राजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा पर्याप्त बजट दिए जाने के बावजूद घटिया काम किया जा रहा था। उन्होंने दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
AE महेश चंद आजाद ने कहा कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर जांच की है। घटिया ईंटों को हटवा दिया गया है और ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी गई है। मानकों से किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Location : Maharajganj
Published : 17 January 2026, 4:56 PM IST
Topics : Construction Scam Government Scheme Maharajganj News Rural Development Water Supply Project