चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का असर! विंध्य क्षेत्र में बदला मौसम, धान की फसल पर संकट

देश के कई राज्यों सहित उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, विंध्य क्षेत्र  और आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के असर के चलते हल्की बारिश और मौसम खराब रहने का येलो अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार की रात से ही हवाओं संग हो रही बूंदा-बांदी ने मौसम का मिज़ाज बदल दिया है।

Updated : 29 October 2026, 3:49 PM IST
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Mirzapur News: देश के कई राज्यों सहित उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, विंध्य क्षेत्र  और आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के असर के चलते हल्की बारिश और मौसम खराब रहने का येलो अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार की रात से ही हवाओं संग हो रही बूंदा-बांदी ने मौसम का मिज़ाज बदल दिया है। गुरुवार को हवा में सिहरन के साथ हो रही अनवरत बूंदा-बांदी ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सर्वाधिक परेशानी किसानों के समक्ष उत्पन्न हुई है। धान की पककर तैयार फसल सहित आलू और दलहनी-तिलहनी फसलों की खेती में जुटे किसानों को झटका लगा है। तेज़ हवाओं संग हो रही बूंदा-बांदी ने धान की पककर खेतों में खड़ी फसल को जमीन थामने पर विवश किया है तो दूसरी ओर कुछ स्थानों पर काटकर छोड़ी गई धान की फसल भींग जाने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गईं है।

चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के असर के चलते हल्की बारिश और मौसम खराब रहने का येलो अलर्ट जारी होने के बाद मिर्जापुर में 29 अक्टूबर 2026 का तापमान लगभग 23°C से 24°C के बीच बना हुआ है और हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के जानकारों की माने तो गुरुवार को मौसम की स्थिति में हल्की बारिश और बादल छाए रहने के साथ आर्द्रता (Humidity): लगभग 90% से 92% जबकि पूर्व/उत्तर-पूर्व दिशा से लगभग 12 मील प्रति घंटे की गति से हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है।

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वहीं दूसरी ओर खराब मौसम और वज्रपात को लेकर अपर जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर  विनोद कुमार सिंह ने तेज हवा एवं वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों, टिनशेड तथा कमजोर होर्डिंग के नीचे खड़े न होंने की आमजनों से अपील की है।

उन्होंने कहा है कि ऐसे समय में सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। किसान भाई मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर फसलों की कटाई, मड़ाई एवं खुले में रखे अनाज को सुरक्षित करने की व्यवस्था करें। कृषि कार्य के दौरान आकाशीय बिजली की चेतावनी मिलने पर खुले खेतों में न रुकें। नदी, नालों, जलाशयों, बांधों एवं जलप्रपातों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। वर्षा के दौरान तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें। वहीं कच्चे एवं जर्जर भवनों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

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बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी पूर्वक करें। मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी एवं चेतावनियों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक माध्यमों तथा मौसम, दामिनी एवं मेघदूत ऐप का उपयोग करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05442-256357 अथवा आपदा हेल्पलाइन 1077 पर सूचना दें।

Location :  Mirzapur

Published :  29 October 2026, 3:49 PM IST

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