सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन के बाद शोक की घड़ी में डूबे परिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर ने मिसाल कायम करते हुए बड़ी राहत दी है। आईएमए गोरखपुर की ओर से 12 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया है। पढ़ें पूरी खबर

12 लाख रुपये की राहत
गोरखपुर: सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन के बाद शोक की घड़ी में डूबे परिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर ने मिसाल कायम करते हुए बड़ी राहत दी है। आईएमए गोरखपुर की ओर से 12 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया है। यह राशि न केवल आर्थिक बोझ कम करेगी, बल्कि परिवार को यह संदेश भी देगी कि पूरा चिकित्सक समाज उनके साथ खड़ा है।
क्या है पूरी खबर?
आज आईएमए गोरखपुर के सचिव डॉ. वाई सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिवंगत बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेधावी छात्र आकाश पांडे के पैतृक गांव बरगदवा माफी, जनपद संत कबीर नगर पहुंचा। गांव के माहौल में शोक की छाया छाई हुई थी। आकाश के परिवार के सदस्य आंखों में आंसू भरे इंतजार कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले आकाश पांडे के पिताजी से मुलाकात की, गले लगाकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान मौजूद सभी सदस्यों की आंखें नम थीं।
12 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक
मुलाकात के दौरान आईएमए गोरखपुर की ओर से 12 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक आकाश पांडे के पिताजी को भेंट किया गया। यह राशि परिवार की तत्कालीन आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. वाई सिंह ने इस अवसर पर कहा, “यह सिर्फ एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि चिकित्सक समाज की भावना है। आकाश पांडे जैसे होनहार छात्र का जाना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इस कठिन घड़ी में पूरा चिकित्सक समुदाय उनके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हम न्याय की लड़ाई में हर स्तर पर परिवार का साथ देंगे।”
सपनों को संभालने का जिम्मा
डॉ. सिंह ने आगे आश्वासन दिया कि भविष्य में परिवार को किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय जरूरत पड़ने पर आईएमए से जुड़े सभी चिकित्सक निःशुल्क या अत्यंत रियायती दर पर इलाज उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा, “हम न केवल आर्थिक मदद दे रहे हैं, बल्कि भावी पीढ़ी के सपनों को संभालने का जिम्मा भी उठा रहे हैं।”
परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त
प्रतिनिधिमंडल में सचिव डॉ. वाई सिंह के अलावा सह सचिव डॉ. दिनेश चंद्र और सह सचिव डॉ. अमरेश सिंह भी उपस्थित रहे। तीनों डॉक्टरों ने परिवार के हर सदस्य से व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें मजबूत रहने की सलाह दी। आईएमए गोरखपुर ने दिवंगत आकाश पांडे की पवित्र स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। आकाश पांडे न केवल एक मेधावी छात्र थे, बल्कि समाज के भविष्य की उम्मीद भी थे। उनकी असामयिक मृत्यु ने पूरे चिकित्सा जगत को झकझोर दिया है।
जानिये क्या है इच्छामृत्यु? कानून को लेकर क्या संविधान में प्रावधान, क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में…
आईएमए का यह कदम अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा साबित होगा। यह सहायता न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि मानवीय मूल्यों की मिसाल भी है। चिकित्सक समाज साबित कर रहा है कि संकट की घड़ी में वे सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि सहारा भी बन सकते हैं। आकाश पांडे के परिवार ने आईएमए के इस कदम के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह मदद उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देगी।
आईएमए गोरखपुर का यह प्रयास चिकित्सा क्षेत्र में मानवीयता और एकजुटता की नई मिसाल कायम कर गया है। पूरे गोरखपुर संभाग में इस खबर से सकारात्मक संदेश गया है कि डॉक्टर न केवल रोगियों के लिए, बल्कि आपस में भी परिवार की तरह जुड़े हुए हैं।