उमा भारती के निजी सचिव रहे यूपी के IAS समीर वर्मा पर कसा शिकंजा

आईएएस अधिकारी समीर वर्मा पर कई महीनों से गैरहाजिर रहने और नई पोस्टिंग ज्वाइन न करने के कारण शिकंजा कसता जा रहा है। इससे शासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं ।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 15 April 2026, 10:03 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। वर्ष 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला उनकी लंबे समय से अनधिकृत अनुपस्थिति का है, जिसने शासन के भीतर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

तैनाती के बाद भी नहीं किया ज्वाइन

दरअसल, समीर वर्मा को 8 अक्तूबर 2025 को नियोजन विभाग में सचिव के पद पर तैनाती दी गई थी। लेकिन उन्होंने इस पद पर अब तक ज्वाइन ही नहीं किया। कई महीनों तक उनकी गैरहाजिरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसके बाद शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दे दिए।

अनिल गर्ग बनाए गए जांच अधिकारी

इस पूरे मामले में प्रमुख सचिव (सिंचाई) अनिल गर्ग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, समीर वर्मा ने स्टडी लीव के लिए आवेदन किया था, लेकिन नियुक्ति विभाग ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बावजूद वे ड्यूटी पर नहीं लौटे और तब से लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं।

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गौरतलब है कि समीर वर्मा का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। जून 2025 में स्टांप एवं पंजीयन विभाग में तबादलों में कथित गड़बड़ियों के मामले में उनका नाम सामने आया था। उस समय वे आईजी, स्टांप के पद पर तैनात थे। मामले के सामने आने के बाद 19 जून को उन्हें इस पद से हटा दिया गया और प्रतीक्षारत कर दिया गया था।

कई महीनों तक वेटिंग में रहने के बाद उन्हें अक्टूबर में नई तैनाती दी गई, लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इससे शासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं ।

कौन हैं समीर वर्मा?

समीर वर्मा 2002 बैच के यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 2001 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया था। वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं और उच्च शिक्षा में एमएससी, एलएलबी और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल कर चुके हैं।

अपने लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वे फर्रुखाबाद और प्रयागराज में संयुक्त मजिस्ट्रेट रहे, वहीं बरेली, शाहजहांपुर और महोबा में मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा हरदोई, हमीरपुर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, वाराणसी, मथुरा, कानपुर नगर, झांसी और मेरठ जैसे जिलों में भी जिलाधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं।

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उमा भारती के निजी सचिव के रूप में हुए नियुक्त

इतना ही नहीं, उन्हें 17 जून 2014 को उन्हें पूर्व जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती का निजी सचिव भी नियुक्त किया जा चुका है। उनके साथ ही डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम को भी निजी सचिव के रूप में कमान सौंपी गई थी।

Location :  Lucknow

Published :  15 April 2026, 10:03 AM IST