
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Gorakhpur: मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ जमीन के एक टुकड़े के लिए सरेआम खून बहाया गया। गुलरिया थाना क्षेत्र की सरहरी चौकी अंतर्गत टिकरिया गांव में एक युवक की धारदार हथियार से पेट में वार कर निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या की इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वहीं, घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और कानून व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला गुलरिया थाना क्षेत्र के गिरमिट चौराहे के पास स्थित एक बेशकीमती जमीन के टुकड़े से जुड़ा हुआ है। इस जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से गहरा विवाद चला आ रहा था। विवाद इतना गंभीर था कि मामला न्यायालय की चौखट तक पहुंच चुका था और संबंधित भूमि पर कोर्ट द्वारा 'स्टे ऑर्डर' (स्थगन आदेश) भी जारी किया गया था।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अदालत के सख्त आदेशों को ताक पर रखकर बुधवार को विपक्षी पक्ष के लोग जमीन पर जबरन निर्माण कार्य करवा रहे थे। नियम-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए किए जा रहे इस अवैध निर्माण ने देखते ही देखते एक बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लिया।
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इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय सरहरी चौकी पुलिस की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध और सवालों के घेरे में है। मृतक पक्ष का सीधा आरोप है कि जब विपक्षी पक्ष द्वारा कोर्ट के स्टे ऑर्डर का उल्लंघन कर जबरन निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो इसकी लिखित और मौखिक सूचना तत्काल सरहरी चौकी पुलिस को दी गई थी। पीड़ित परिवार ने पुलिस से निर्माण कार्य रुकवाने और सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई होती और मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को रुकवा दिया होता, तो शायद आज एक बेगुनाह की जान न जाती। पुलिस की इसी कथित निष्क्रियता और लापरवाही को लेकर अब ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है।
घटनाक्रम के मुताबिक, जब पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित पक्ष खुद मौके पर पहुंचा। टिकरिया गांव निवासी अमरनाथ गुप्ता (पुत्र संत गुप्ता) ने जब अपनी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण और कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का पुरजोर विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि विपक्षी पक्ष के लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर टूट पड़े।
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आरोप है कि इसी गहमागहमी के बीच विपक्षी पक्ष के एक हमलावर ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अमरनाथ गुप्ता के पेट में एक बेहद धारदार हथियार घोंप दिया। हमला इतना जोरदार और घातक था कि वह हथियार अमरनाथ के पेट के आर-पार हो गया। लहूलुहान हालत में अमरनाथ जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
घटना के तुरंत बाद बदहवास परिजन और स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल अमरनाथ को लेकर आनन-फानन में बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहाँ डॉक्टरों की टीम ने युवक की नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल उसका इलाज शुरू किया। लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था; अत्यधिक खून बह जाने और अंदरूनी अंगों में आई गंभीर चोटों के कारण अमरनाथ जिंदगी की जंग हार गए और इलाज के दौरान ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमरनाथ की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर और उनके घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अमरनाथ गुप्ता की मौत की खबर टिकरिया गांव और गिरमिट चौराहे के आसपास फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि सरहरी चौकी पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए, साथ ही लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई हो।
इधर, वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
Location : Gorakhpur
Published : 9 July 2026, 3:13 PM IST