Gorakhpur :क्या ‘पुलिस मंथन 2025’ से बदलेगी थानों की सूरत? जानें गोरखपुर में पुलिसकर्मियों को मिले कौन से नए गुरुमंत्र

गोरखपुर जोन में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ‘पुलिस मंथन 2025’ के अंतर्गत विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एडीजी और आईजी की मौजूदगी में हेड मोहर्रिर व पैरोकारों को केस डायरी संधारण, अभिलेख प्रबंधन और नए वर्किंग मॉड्यूल्स की विस्तृत जानकारी दी गई

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 March 2026, 8:16 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश पुलिस को और अधिक स्मार्ट और परिणामदायी बनाने की दिशा में गोरखपुर में एक बड़ी पहल की गई है। आज 29 मार्च 2026 को "पुलिस मंथन 2025" अभियान के तहत एक विशेष रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया गया। यूपी पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।

इन पुलिसकर्मियों पर रहा मुख्य फोकस

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इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गोरखपुर जोन के सभी जिलों से आए हेड मोहर्रिर और थाना स्तर के पैरोकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), पुलिस महानिरीक्षक (IG) रेंज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खुद मौजूद रहे।

क्या सिखाया गया इस ट्रेनिंग में?

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिसिंग की गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाने के लिए कई आधुनिक वर्किंग मॉड्यूल्स पर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रेनिंग का मुख्य केंद्र केस डायरी संधारण रहा, जिसमें पुलिसकर्मियों को मुकदमों की डायरी को अधिक सटीक, तथ्यपरक और विधिक रूप से मजबूत बनाने के गुर सिखाए गए। इसके साथ ही, थानों में बरसों से चले आ रहे अभिलेख प्रबंधन को डिजिटल और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया, ताकि रिकॉर्ड्स और फाइलों का रखरखाव पारदर्शी और सुलभ हो सके।

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प्रशिक्षण के एक महत्वपूर्ण हिस्से में न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में बताया गया, जिसमें कोर्ट की कार्यवाही के दौरान पैरोकारों की सटीक भूमिका और कानूनी बारीकियों को स्पष्ट किया गया ताकि अपराधियों को सजा दिलाने की दर (Conviction Rate) में सुधार हो सके। अंत में, बदलते समय की मांग को देखते हुए तकनीकी अपडेट्स पर विशेष फोकस रहा, जिसमें पुलिसकर्मियों को नए सॉफ्टवेयर, डेटा मैनेजमेंट टूल्स और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई ताकि पुलिसिंग को अधिक 'स्मार्ट' और हाई-टेक बनाया जा सके।

पारदर्शिता और जवाबदेही है मुख्य लक्ष्य

वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बदलते समय के साथ पुलिस के काम करने के तरीकों में बदलाव लाना अनिवार्य है। "पुलिस मंथन 2025" के जरिए कोशिश की जा रही है कि थाना स्तर पर होने वाले कार्यों को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। अधिकारियों का मानना है कि इस ट्रेनिंग से आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने में बड़ी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर एसपी सिटी, एएसपी/सीओ कैंट सहित जोन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 29 March 2026, 8:16 PM IST