गोरखपुर पुलिस ने खोला ऑनलाइन गेमिंग गिरोह का राज, चार दबोचे

गोरखपुर पुलिस ने अवैध ऑनलाइन गेमिंग और म्यूल बैंक खातों के जरिए संदिग्ध धनराशि के लेनदेन करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 23 July 2026, 2:54 AM IST

Gorakhpur: गोरखपुर पुलिस ने अवैध ऑनलाइन गेमिंग और म्यूल बैंक खातों के जरिए संदिग्ध धनराशि के लेनदेन करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 32 एटीएम कार्ड, 20 पासबुक, 18 विभिन्न बैंकों की चेकबुक तथा 8 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस इस नेटवर्क के जरिए बड़े स्तर पर हुए वित्तीय अपराधों की भी जांच कर रही है।

पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सौरभ मौर्या और साइबर कमांडो टीम ने यह कार्रवाई की।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में अमन चौहान, शनि चौधरी, आयुष प्रताप और अमित कुमार शामिल हैं। सभी के खिलाफ थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 155/2026 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66-डी तथा ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि अमन चौहान ने उसे विज्ञापन के नाम पर बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार किया।

खाता खुलने के बाद उससे लिंक मोबाइल नंबर और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया गया। बाद में जब आरोपी उसे बैंक ले गए तो पता चला कि उसके खाते में करीब साढ़े पांच लाख रुपये का लेनदेन हुआ है, जबकि खाते का यूपीआई किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था।

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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकारा

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को लालच और झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम अपने कब्जे में लेकर उन खातों का इस्तेमाल अवैध ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त धनराशि के लेनदेन में करते थे।

गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों का प्रचार करता था और लोगों को गेम खेलने के लिए प्रेरित करता था। इसी दौरान प्राप्त रकम को म्यूल खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था ताकि असली लेनदेन छिपाया जा सके।

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पुलिस का बयान

पुलिस का मानना है कि यह गिरोह साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। बरामद मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेजों की डिजिटल जांच कर अन्य सहयोगियों तथा लेनदेन की पूरी श्रृंखला खंगाली जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Location :  Gorakhpur

Published :  23 July 2026, 2:52 AM IST