
प्रतीकात्मक छवि
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद में चलाया जा रहा “ऑपरेशन मिलाप” अब मिशन बन चुका है, जिसने सैकड़ों परिवारों के जीवन में फिर से खुशियां लौटा दी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ के नेतृत्व में गोरखपुर पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक 313 अपहृत और लापता लड़कियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिलाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
पुलिस के अनुसार अधिकांश मामलों में लड़कियों को बहला-फुसलाकर या शादी, नौकरी और बेहतर जीवन का झांसा देकर घर से दूर ले जाया गया था। कई मामलों में इन्हें दूसरे जिलों और राज्यों तक पहुंचा दिया गया, जिससे खोजबीन और भी चुनौतीपूर्ण हो गई। लेकिन गोरखपुर पुलिस ने इन चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए सुनियोजित रणनीति के तहत अभियान को अंजाम दिया।
ऑपरेशन के तहत विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने आधुनिक तकनीक और परंपरागत खुफिया तंत्र का समन्वय करते हुए काम किया। मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया ट्रैकिंग और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने एक-एक सुराग को जोड़ा और लापता बेटियों तक पहुंच बनाई। लगातार दबिश और त्वरित कार्रवाई के चलते कई जटिल मामलों का भी सफल खुलासा हुआ।
एसएसपी डॉ. कोस्तुभ ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अपहरण और गुमशुदगी के मामलों में बिना देरी के मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और हर प्रगति से उन्हें अवगत कराने पर विशेष जोर दिया गया है। यही संवेदनशीलता इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
जब बेटियां सुरक्षित अपने घर लौटीं, तो कई परिवारों की आंखें खुशी से नम हो गईं। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और समर्पण की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह अभियान न केवल अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रतीक है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का संदेश भी मजबूत करता है।
“ऑपरेशन मिलाप” ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और कार्यप्रणाली प्रभावी, तो हर चुनौती का समाधान संभव है। गोरखपुर पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि कोई भी बेटी लापता न रहे और हर परिवार सुरक्षित व आश्वस्त महसूस कर सके।
Location : Gorakhpur
Published : 23 April 2026, 12:10 PM IST
Topics : Gorakhpur Lost Girls Operation Milaap Police Action