Gorakhpur News: एक हफ़्ते बाद होनी थी शादी! खजनी के लेखपाल अश्वनी मिश्र हुए सड़क हादसे का शिकार

प्रशासनिक ढांचे पर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना शुक्रवार देर शाम सामने आई। खजनी तहसील में तैनात लेखपाल अश्वनी मिश्र का सड़क हादसे में गंभीर एक्सीडेंट हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के पीछे लगातार बढ़ता कार्यभार और मानसिक तनाव प्रमुख कारण बनकर उभरा है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 21 November 2025, 11:22 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जिले के प्रशासनिक ढांचे पर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना शुक्रवार देर शाम सामने आई। खजनी तहसील में तैनात लेखपाल अश्वनी मिश्र का सड़क हादसे में गंभीर एक्सीडेंट हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के पीछे लगातार बढ़ता कार्यभार और मानसिक तनाव प्रमुख कारण बनकर उभरा है। गोरखपुर जिले में इस समय SIR प्रक्रिया, फार्मर रजिस्ट्री (कृषि विभाग) और अन्य नियमित कार्यों का बोझ लेखपालों पर तेजी से बढ़ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से प्रतिदिन 200–300 फॉर्म प्रति BLO ऑनलाइन करने का दबाव बनाए रखा गया है, जिससे फील्ड कर्मचारियों पर असहनीय तनाव बढ़ गया है।

सूत्रों के अनुसार, लेखपाल अश्वनी मिश्र पिछले कई दिनों से बिना अवकाश लगातार फील्ड वर्क, ऑनलाइन अपलोडिंग और SIR अपडेट के चक्कर में सुबह से देर रात तक काम कर रहे थे। सहकर्मियों का कहना है कि वह अत्यधिक मानसिक दबाव में थे और कई बार उन्होंने काम के बोझ को लेकर चिंता भी जताई थी। सबसे दर्दनाक तथ्य यह है कि अश्वनी मिश्र की शादी सिर्फ एक सप्ताह बाद होने वाली थी, लेकिन काम के चलते छुट्टी स्वीकृत नहीं हो सकी थी। परिवार और सहकर्मी इस बात से गहरा आक्रोश और दुख व्यक्त कर रहे हैं कि एक युवा अधिकारी को न तो पर्याप्त अवकाश मिला और न ही मानसिक तनाव से राहत।

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हादसा शुक्रवार शाम उस समय हुआ जब वह अपने क्षेत्र से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि थकान और तनाव के कारण बाइक का नियंत्रण बिगड़ गया और उनकी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद खजनी तहसील के कर्मचारियों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि लेखपालों पर चल रहा अनियंत्रित कार्यभार और रोज–रोज के ऑनलाइन लक्ष्य आखिरकार दुर्घटनाओं और बीमारियों को बढ़ावा दे रहे हैं।

कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ स्तर से दबाव इतना बढ़ गया है कि फील्ड स्टाफ को न तो पर्याप्त समय मिल रहा है, न ही छुट्टियाँ। लगातार दौड़–धूप, डाटा अपलोडिंग और फॉर्म सत्यापन ने कर्मचारियों को शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार कर दिया है।

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फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर लेखपालों के कार्य व्यवहार, सिस्टम में मौजूद अव्यवस्था और मानव संसाधन की कमी को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि हालात न सुधारे गए तो ऐसी और घटनाएँ सामने आ सकती हैं।

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 21 November 2025, 11:22 PM IST