गोरखपुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां पार्षद प्रत्याशी की दुकान पर शराब का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा था। शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध रूप से देशी शराब बरामद की गई।

गोरखपुर खजनी पुलिस स्टेशन
Gorakhpur: गोरखपुर के खजनी नगर पंचायत उनवल में पार्षद प्रत्याशी ब्रह्मदेव पुत्र स्व. रामनयन की किराना दुकान की आड़ में चल रहा अवैध शराब का कारोबार आखिरकार खजनी पुलिस की जद में आ गया। शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध रूप से देशी शराब बरामद की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, लेकिन स्थानीय लोगों में कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है, क्योंकि यह महज खानापूर्ति बनकर रह गई।
गुप्त सूचना पर दबिश, बोरियों में छिपी मिली शराब
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत उनवल के वार्ड नंबर 13, पुरानी बाजार में ब्रह्मदेव की किराना दुकान लंबे समय से अवैध शराब बिक्री का अड्डा बनी हुई थी। स्थानीय लोगों की शिकायतों और गुप्त सूचना के आधार पर ख़जनी पुलिस ने शुक्रवार सुबह दुकान की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान बोरियों में छिपाकर रखी गई देसी शराब की 25 शीशियां बरामद हुईं। मौके पर मौजूद ब्रह्मदेव को गिरफ्तार कर खजनी थाना लाया गया, जहां शॉर्ट आबकारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, औपचारिकताएं पूरी कर उसे थाने से ही जमानत दे दी गई, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
आबकारी पुलिस के मिलीभगत का संदेह
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ब्रह्मदेव की दुकान पर पहले भी शराब बिक्री की शिकायतें की गई थीं, लेकिन कथित तौर पर विभागीय गठजोड़ के चलते कार्रवाई नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि इस दुकान से नाबालिग बच्चों तक को 24 घंटे शराब उपलब्ध कराई जा रही थी, जिससे क्षेत्र में नशाखोरी का जाल फैल रहा था। सवाल उठता है कि ब्रह्मदेव को शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी? इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं? क्या यह धंधा विभागीय मिलीभगत से फल-फूल रहा है?
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है, “ऐसी कार्रवाइयां सिर्फ दिखावे के लिए होती हैं। आरोपी को तुरंत जमानत दे दी जाती है, और वह फिर से वही धंधा शुरू कर देता है।” सूत्रों के मुताबिक, उनवल क्षेत्र में कई अन्य किराना दुकानों पर भी खुलेआम शराब बिक रही है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की निष्क्रियता के चलते यह धंधा बेरोकटोक चल रहा है। लोगों का मानना है कि यदि गहन जांच हो तो कई दुकानदार जेल की सलाखों के पीछे हो सकते हैं।
थानाध्यक्ष का बयान
खजनी थानाध्यक्ष अनुप सिंह ने बताया, “मुखबिर की सूचना पर ब्रह्मदेव की दुकान पर छापेमारी की गई, जहां 25 शीशियां देसी शराब बरामद हुईं। वीडियो और लिखित कार्रवाई के बाद आरोपी को जमानत दे दी गई है। आगे की कार्रवाई जारी है।”
नशे के कारोबार पर कब लगेगी लगाम?
यह घटना उनवल में नशे के बढ़ते कारोबार की ओर इशारा करती है। जब तक आबकारी विभाग और पुलिस मुख्य सप्लायर और नेटवर्क तक नहीं पहुंचेगी, तब तक यह गोरखधंधा रुकने वाला नहीं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि नशे के इस जाल को तोड़ने के लिए सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को नशे की गर्त से बचाया जा सके।