गोरखपुर में अचानक बारिश और तेज हवा ने गेहूं और सरसों की फसल को खतरे में डाल दिया। किसान फसल गिरने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताते हुए प्रशासन से राहत और फसल बीमा लाभ की मांग कर रहे हैं।

अचानक बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मौसम के अचानक बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को आसमान में छाए घने काले बादल और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल पर खतरे के बादल मंडरा दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों का कहना है कि इस समय बारिश उनके लिए किसी जहर से कम नहीं है। फसल पकने की स्थिति में है और बारिश होने से दाने काले पड़ सकते हैं, बालियां झुक सकती हैं और उत्पादन सीधे प्रभावित हो सकता है। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने की संभावना भी जताई जा रही है।
गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के अनुभवी किसान उदयभान मणि त्रिपाठी, अशोक सिंह, रामजी दुबे, सत्यनारायण सिंह और नरेंद्र दुबे समेत दर्जनों किसानों ने मौसम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर लगातार बारिश होती रही, तो महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
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किसानों के मुताबिक, गेहूं की फसल कटाई के बिल्कुल करीब है, जबकि सरसों भी तैयार खड़ी है। बारिश और तेज हवा से फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है। इससे न केवल उत्पादन घटेगा, बल्कि गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा, जिससे बाजार में सही मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा।
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए उचित सलाह और राहत की व्यवस्था की जाए। साथ ही फसल बीमा योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने की मांग की गई है, ताकि संभावित नुकसान की भरपाई हो सके।
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मौसम विभाग की चेतावनी और बदलते हालातों के बीच किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। हर गुजरता घंटा उनकी चिंता को और बढ़ा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मौसम कब साफ होगा और फसल सुरक्षित रहेगी।