Gorakhpur: कानून से भाग रहे दो गैंगस्टरों पर कसा शिकंजा, पुलिस ने रखा इतना इनाम

गोरखपुर में तीन साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए ऐसी सजा सुनाई, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया। जानिए कैम्पियरगंज के इस केस में कोर्ट ने क्या फैसला दिया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 7 September 2026, 11:35 PM IST

Gorakhpur: ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी से वर्ष 2023 में कैम्पियरगंज थाने में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायालय, गोरखपुर ने अभियुक्त मनोज हरिजन, रिन्जू देवी और पूनम देवी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामला वर्ष 2023 में थाना कैम्पियरगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 01/2023 से जुड़ा है। अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 और धारा 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार विवेचना के बाद पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों और तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल की लगातार पैरवी के चलते मुकदमे की सुनवाई में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा गया। परिणामस्वरूप जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर की अदालत ने तीनों आरोपियों को अपराध का दोषी पाया और प्रत्येक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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दोषी आरोपी

दोषी ठहराए गए आरोपियों की पहचान मनोज हरिजन पुत्र स्वर्गीय चौथी हरिजन, रिन्जू देवी पत्नी मऊल तथा पूनम देवी पत्नी कोमल उर्फ कोलई हरिजन, निवासी मछलीगांव टोला परसौली, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।

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पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान का उद्देश्य गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना है। इसी क्रम में गोरखपुर पुलिस द्वारा लंबित मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जा रही है।

इस मामले में दोषसिद्धि और सजा दिलाने में डीजीसी प्रियानंद सिंह और एडीजीसी जयनाथ यादव के योगदान को भी पुलिस ने महत्वपूर्ण बताया है। पुलिस का कहना है कि प्रभावी पैरवी के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  7 September 2026, 11:35 PM IST