गोरखपुर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लखनऊ में मनरेगा बचाओ प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में टाउन हॉल पर मौन धरना आयोजित किया। गांधी प्रतिमा के समक्ष हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

गोरखपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मौन धरना
Gorakhpur: लखनऊ में मनरेगा बचाओ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर लाठीचार्ज का मामला सामने आया। जिसके विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में टाउन हॉल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन धरना-प्रदर्शन किया गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी और महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद ने किया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मनरेगा योजना को कमजोर न किए जाने की मांग उठाई।
पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने मौन रहकर अपनी नाराजगी व्यक्त की, जिससे गांधीवादी तरीके से विरोध का स्पष्ट संदेश दिया गया।
जिला अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि मनरेगा देश के गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के जीवनयापन का मजबूत आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी लगातार संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर किया गया लाठीचार्ज लोकतंत्र की मूल भावना पर सीधा प्रहार है।
महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद ने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी गरीबों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
धरना स्थल पर प्रमोद नायक, श्रीश उपाध्याय, सतेन्द्र निषाद, हरि सेवक त्रिपाठी, हजारी लाल जायसवाल, उत्कर्ष पाण्डेय, ज्ञानेंद्र शाही, व्यासमुनि उपाध्याय, विजेंद्र तिवारी, एडवोकेट विनोद कुमार पाण्डेय, राजीव कुमार पाण्डेय, प्रभाकर राय, अनिल सोनकर, इंदू भूषण शुक्ल, संतोष उपाध्याय, राजेश निषाद, ध्रुव पासवान, तौकीर आलम, बालगोविंद चौरसिया, योगेन्द्र नायक, राजेश दुबे, अमलेंदु कुमार, सुनील सिंह, रामसमुझ सवरा, रामनगीना साहनी, राजू सिंह, हौसिला पाण्डेय, अदालत यादव, श्रवण यादव, देवेन्द्र निषाद, सच्चिदानंद शर्मा, सतीश त्रिपाठी, हरीश चंद्र अग्रहरि और सुरेंद्र पासवान सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेसजन एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मौन धरने के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि सत्य और अहिंसा की राह पर चलकर अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती रहेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।