घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने मोहद्दीपुर स्थित सुशीला गैस एजेंसी तथा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस गोदाम का निरीक्षण किया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट

87 गोदामों पर पुलिस तैनात
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने मोहद्दीपुर स्थित सुशीला गैस एजेंसी और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस गोदाम का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
क्या है पूरी खबर?
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस गोदामों में उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक, आपूर्ति की स्थिति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने एजेंसी संचालकों से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर पहुंचे, कितने का वितरण किया गया और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
डीएम ने एजेंसी संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक कराई है, उन्हें समय से सिलेंडर उपलब्ध कराना अनिवार्य है और अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या वितरण में अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गैस वितरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से
वहीं एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले के सभी गैस गोदामों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कहीं भी अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि जनपद के 87 गैस गोदामों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, जिससे गैस वितरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
87 गैस गोदामों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि सभी 87 गैस गोदामों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो वितरण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े, इसके लिए टोकन प्रणाली लागू कर गैस का वितरण कराया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत जो उपभोक्ता पहले पहुंचेगा, उसे पहले सिलेंडर मिलेगा और बाद में आने वालों को क्रमवार गैस दी जाएगी।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है तथा आवश्यकतानुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि केवल जरूरत के अनुसार ही गैस बुक करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में रखे सिलेंडरों की गिनती, स्टॉक रजिस्टर, वितरण सूची और होम डिलीवरी व्यवस्था की भी जांच की। डीएम और एसएसपी की इस सख्ती से गैस एजेंसियों में हड़कंप मच गया है, वहीं उपभोक्ताओं में भी प्रशासन की कार्रवाई से भरोसा बढ़ा है कि अब गैस वितरण व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी।