UP में बदल गया गोल्ड स्मगलिंग का खेल! लखनऊ एयरपोर्ट छोड़ अब ट्रेनों से हो रही एंट्री

उत्तर प्रदेश में सोना तस्करों ने अपना तरीका बदल दिया है। लखनऊ एयरपोर्ट पर सख्ती बढ़ने के बाद तस्कर अब दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर उतरकर ट्रेनों से यूपी पहुंच रहे हैं। जनवरी से जुलाई के बीच डीआरआई ने 13.267 किलो सोना जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 19 करोड़ रुपये है। नौ तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 July 2026, 1:48 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में सोना तस्करों ने कानून की नजरों से बचने के लिए अपना पूरा खेल बदल दिया है। कभी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट को अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना मानने वाले तस्कर अब वहां कदम रखने से भी बच रहे हैं। एयरपोर्ट पर बढ़ी सख्ती और जांच एजेंसियों की पैनी निगाहों ने तस्करों को अपना रूट बदलने पर मजबूर कर दिया है। अब वे पहले देश के दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर उतरते हैं और फिर ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश में दाखिल होकर सोने की खेप को अपने नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियों ने इस नई चाल का भी पर्दाफाश कर दिया है और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी तेज कर दी गई है।

अमौसी एयरपोर्ट पर बढ़ी सख्ती

जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले तक लखनऊ के चौधरी चरण सिंह (अमौसी) एयरपोर्ट पर हर महीने दो से तीन बार सोना तस्करों के पकड़े जाने के मामले सामने आते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से यहां ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई। इसका कारण तस्करी में कमी नहीं, बल्कि तस्करों की नई रणनीति बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट पर कस्टम और अन्य जांच एजेंसियों की सख्ती काफी बढ़ गई है। लगातार हो रही जांच और गिरफ्तारी के डर से तस्करों ने लखनऊ एयरपोर्ट का इस्तेमाल लगभग बंद कर दिया है। अब वे ऐसे एयरपोर्ट चुन रहे हैं जहां से शक कम हो और वहां से ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश पहुंच रहे हैं।

दूसरे शहरों से उड़ान

जांच में सामने आया है कि तस्कर अब पहले देश के अन्य शहरों के एयरपोर्ट पर उतरते हैं। इसके बाद वे विमान की बजाय रेलवे नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें। लंबी दूरी की ट्रेनों के जरिए वे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचते हैं और फिर सोने की खेप को अपने संपर्कों तक पहुंचा देते हैं।

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वाराणसी में पकड़े गए तस्कर

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को पहले ही तस्करों के बदले हुए तरीके की पुख्ता जानकारी मिल चुकी थी। इसी इनपुट के आधार पर कुछ प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाई गई। इसी दौरान वाराणसी में एक महिला और एक पुरुष तस्कर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसियों को तस्करी के नए नेटवर्क और ऑपरेटिंग सिस्टम की अहम जानकारी मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और जांच को और मजबूत कर दिया गया है ताकि तस्करों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

सात महीने में 13.267 किलो सोना जब्त

डीआरआई (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश में सोना तस्करी के कुल आठ मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 13.267 किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹19 करोड़ है। इन कार्रवाइयों के दौरान नौ तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया। बरामदगी और गिरफ्तारियों से साफ है कि तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर नेटवर्क को सक्रिय रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसियां भी उनकी हर चाल पर नजर बनाए हुए हैं।

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रेलवे स्टेशन बने जांच एजेंसियों का नया फोकस

सोना तस्करों के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए अब जांच एजेंसियों ने एयरपोर्ट के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर भी अपनी निगरानी बढ़ा दी है। खासकर उन स्टेशनों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जहां लंबी दूरी की ट्रेनों का आवागमन अधिक है या जहां दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं।

Location :  Lucknow

Published :  30 July 2026, 1:48 PM IST