हिंदी
मौके पर पुलिस
झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव थाना क्षेत्र में कक्षा नौ में पढ़ने वाली करीब 16 वर्षीय छात्रा प्रियंका की मौत से परिवार में मातम पसरा है। मृतका के चाचा ने आरोप लगाया है कि तीन लड़के उसे परेशान करते थे। इनमें से एक युवक कथित तौर पर जबरन शादी करने और उसे भगाकर ले जाने की धमकी दे रहा था। परिजनों के इन आरोपों ने किशोरियों की सुरक्षा और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई किए जाने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, प्रियंका झांसी जिले के चिरगांव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। वह कक्षा नौ में पढ़ती थी। उसके पिता ट्रक चालक हैं। परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं।
मृतका के चाचा का आरोप है कि गांव के तीन लड़के प्रियंका को परेशान करते थे। इनमें से एक युवक उस पर जबरन शादी करने और उसे भगाकर ले जाने की धमकी दे रहा था। बताया गया है कि प्रियंका ने कथित तौर पर इस बारे में अपने चचेरे भाई को जानकारी दी थी।
चाचा के मुताबिक, जब उसके चचेरे भाई ने इस मामले में संबंधित युवक को उलाहना दिया, तो उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों का आरोप है कि इस घटनाक्रम के बाद प्रियंका काफी डर गई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
परिजनों के अनुसार, घटना के समय प्रियंका के माता-पिता मंदिर में कन्या भोज के लिए गए हुए थे। घर में वह अपनी बहन के साथ थी। कुछ देर बाद उसकी छोटी बहन खेलने के लिए बाहर चली गई।
करीब एक घंटे बाद जब छोटी बहन वापस लौटी, तो घर का दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया गया। अंदर प्रियंका रोशनदान से फांसी पर लटकी मिली।
घटना की जानकारी मिलने पर परिवार और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रियंका की मौत के मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित उत्पीड़न और धमकियों के संबंध में पहले कोई शिकायत की गई थी या नहीं। यदि शिकायत की गई थी, तो उस पर क्या कार्रवाई हुई, यह भी जांच का अहम पहलू हो सकता है।
मौत की वास्तविक परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल, किसी को दोषी ठहराने से पहले तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
यह घटना किशोरियों की सुरक्षा, उन्हें मिलने वाली सामाजिक सहायता और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुने जाने की जरूरत की ओर ध्यान खींचती है। यदि किसी किशोरी को धमकियों या उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा हो, तो उसे समय रहते परिवार, स्कूल, पुलिस और संबंधित सहायता तंत्र से मदद मिलना बेहद जरूरी है।
प्रियंका की मौत से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कथित धमकियों के संबंध में पहले कोई जानकारी सामने आई थी या नहीं। इस मामले में जांच के निष्कर्ष ही घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट कर सकेंगे।
Location : Jhansi
Published : 20 October 2026, 11:27 AM IST