
लखनऊ डबल मर्डर हत्याकांड में बड़ा खुलासा (Image: Social Media)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर और सुसाइड केस में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए राज सामने आ रहे हैं। पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी करने वाले बैंक अफसर मानस को लेकर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि मानस को तीन असलहे सीतापुर के एक अधिवक्ता ने उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने बताया कि बैंक के काम के सिलसिले में मानस की मुलाकात उस अधिवक्ता से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई थी। बताया जा रहा है कि मानस से जुड़े कुछ कानूनी मामलों को भी वही अधिवक्ता देख रहा था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर मानस तक हथियार कैसे पहुंचे और इसके पीछे अधिवक्ता की क्या भूमिका थी।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि अगर शिकायत मिलती है तो मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। पुलिस टीम ने जानकीपुरम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में मानस के सहयोगियों से पूछताछ की थी, जहां से अधिवक्ता के बारे में जानकारी मिली। घटना के बाद से ही अधिवक्ता के भूमिगत होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकलवाई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मानस और अधिवक्ता की आखिरी मुलाकात कब हुई थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात से कितने समय पहले मानस को हथियार उपलब्ध कराए गए थे।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि मानस के पास तीन असलहे कहां से आए? परिवार और रिश्तेदारों का कहना है कि उनके पास किसी तरह का लाइसेंसी हथियार नहीं था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अधिवक्ता ने खुद हथियार उपलब्ध कराए थे या फिर किसी हथियार तस्कर से मानस की मुलाकात कराई गई थी। जांच एजेंसियां हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही हैं।
पुलिस ने मानस का आईफोन बरामद कर लिया है, लेकिन फोन लॉक होने की वजह से अभी तक उसका डेटा नहीं निकाला जा सका है। पुलिस ने मानस के दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क कर पासवर्ड हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी है। डीसीपी पूर्वी का कहना है कि अगर लॉक तोड़ा गया तो फोन में मौजूद डेटा डिलीट होने का खतरा है। ऐसे में पुलिस सावधानी से आगे बढ़ रही है।
पुलिस को मानस की कॉल डिटेल से कई अहम सुराग मिले हैं। घटना वाले दिन उसकी लोकेशन और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। वारदात से पहले मानस ने किन-किन लोगों से बात की थी, इसकी पूरी सूची तैयार की जा रही है। पुलिस अब उन सभी लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में है, जिनसे घटना से पहले मानस की बातचीत हुई थी।
जांच में सामने आया है कि मानस की जिंदगी काफी संघर्षों से भरी रही थी। उसके पिता आरके बाजपेयी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, जबकि मां अंजू का निधन कैंसर से हुआ था। माता-पिता की मौत के बाद उसकी बहन तूलिका मानसिक तनाव में चली गई थी और उसकी जिम्मेदारी मानस ने संभाली थी। बताया जा रहा है कि बहन की देखभाल, तलाक से जुड़ा मामला और पत्नी पर शक के कारण हुए विवादों ने मानस को अंदर से तोड़ दिया था। पुलिस को अब तक मानस के व्हाट्सएप स्टेटस के अलावा कोई दूसरा सुसाइड नोट नहीं मिला है। अब पुलिस हथियारों, मोबाइल डेटा और संपर्कों के जरिए इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
Location : Lucknow
Published : 23 August 2026, 3:19 PM IST