Balrampur news: भ्रामक शपथपत्र दाखिल करना एसडीएम सदर को पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा बलरामपुर के एसडीएम हेमंत कुमार गुप्त के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की यह जानकारी काफी महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी और अस्पष्ट हलफनामे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 May 2026, 5:38 PM IST

Balrampur: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने न्यायिक आदेशों की अवहेलना और भ्रामक जानकारी देने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बलरामपुर के एसडीएम सदर हेमंत कुमार गुप्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का फरमान सुनाया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया ने एसडीएम द्वारा दाखिल किए गए अनुपालन शपथपत्र को अधूरा और अपर्याप्त बताते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया।

पारदर्शी कार्यवाही नहीं

यह पूरा विवाद बलरामपुर के राम धीरज त्रिपाठी द्वारा दायर की गई एक अवमानना याचिका राम धीरज त्रिपाठी बनाम एसडीएम से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के पुराने आदेशों के बावजूद प्रशासन जमीन के मामले में पारदर्शी कार्यवाही नहीं कर रहा है। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि प्रशासन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संबंधित भूमि का वास्तव में अधिग्रहण हुआ है या नहीं।

दस्तावेजों में भूमि अधिग्रहण

गत 29 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एसडीएम द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित अनिवार्य अधिसूचना संलग्न नहीं थी। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्य बिंदु को स्पष्ट किए बिना दाखिल किया गया शपथपत्र केवल समय व्यर्थ करने जैसा है।

Maharajganj: जांच टीम के सामने शिकायतकर्ता की पिटाई, जानें ऐसा क्या हुआ कि प्रशासनिक व्यवस्था पर खड़े हो गए सवाल

2,000 रुपये का अर्थदंड

उल्लेखनीय है कि इसी मामले में पूर्व में भी लापरवाही बरतने पर उच्च न्यायालय ने एसडीएम पर 2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया था। हालांकि अधिकारी ने डिमांड ड्राफ्ट के जरिए जुर्माना भर दिया, लेकिन कोर्ट के मूल आदेश का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया।

Nainital: नाबालिग से छेड़छाड़, धर्मांतरण के दबाव और AI धमकी का एक और गंभीर मामला सामने, जाने पुलिस ने लिया क्या एक्शन

अदालत ने अब इस मामले में अवमानना की कार्यवाही को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। एसडीएम सदर को आगामी 11 मई को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अगली सुनवाई पर न्यायालय यह तय करेगा कि अधिकारी के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए जाएं या नहीं। इस आदेश के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

Location :  Balrampur

Published :  1 May 2026, 5:38 PM IST