फतेहपुर के खैरई गांव में 72 मुस्लिमों के वोटर लिस्ट से नाम कटने के आरोप पर बवाल। प्रशासन ने इसे अफवाह बताते हुए SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी होने की बात कही।

SDM खागा
Fatehpur: खागा तहसील क्षेत्र के खैरई गांव से वोटर लिस्ट को लेकर उठा विवाद अब सोशल मीडिया से होते हुए प्रशासन तक पहुंच गया है। गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि उनके 72 लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। इस मामले को लेकर ट्विटर के जरिए निर्वाचन आयोग से शिकायत की गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सफाई देने सामने आया।
खैरई गांव के रहने वाले मुस्लिम परिवारों का कहना है कि एक महिला सावित्री देवी के कहने पर उनके गांव के करीब 72 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। आरोप है कि बिना किसी सूचना के यह कार्रवाई की गई। जिससे गांव में आक्रोश और डर का माहौल बन गया। इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर एक युवक ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा।
मामले के सामने आने के बाद SDM खागा ने ट्वीट कर स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से नहीं काटा गया है। प्रशासन के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत की जा रही है। ADM फतेहपुर अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि जिन लोगों ने SIR का फॉर्म तो भरा लेकिन उस पर साइन नहीं किया, उन्हीं को नोटिस भेजी गई है। नोटिस मिलने का मतलब नाम कटना नहीं बल्कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाना है।
ADM ने कहा कि जनपद के कई इलाकों में SIR की नोटिस पहुंचने से लोगों में यह अफवाह फैल गई कि नाम काटे जा रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि जिनके माता-पिता ने वर्ष 2003 की विधानसभा या लोकसभा चुनाव में मतदान किया था, उनके नाम उसी वोटर लिस्ट के आधार पर जोड़े जा रहे हैं। नोटिस में बताए गए स्थान पर BLO या ARO को जरूरी प्रमाण पत्र दिखाकर लोग आसानी से अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।