Farrukhabad: 15 दिनों से भूखे लौट रहे मासूम! स्कूल में बंद हुआ बच्चों का खाना, सामने आई चौंकाने वाली वजह

फर्रुखाबाद के एक आंगनबाड़ी केंद्र से सामने आई खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। मासूम बच्चे कई दिनों से ऐसी परेशानी झेल रहे हैं, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। गांव वालों में गुस्सा है तो जिम्मेदारों के जवाब भी सवालों के घेरे में हैं। आखिर क्यों रुकी बच्चों की भोजन व्यवस्था और कौन है इसके पीछे जिम्मेदार?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 May 2026, 2:32 PM IST

Farrukhabad: फर्रुखाबाद जनपद के कमालगंज ब्लॉक स्थित ग्राम सभा ईसापुर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को पिछले करीब 15 दिनों से भोजन नहीं मिल पाया है। छोटे-छोटे बच्चे रोज स्कूल तो पहुंच रहे हैं, लेकिन बिना खाना खाए वापस घर लौटने को मजबूर हैं। इस मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है।

पोषण योजना पर उठे सवाल

सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का मकसद बच्चों में कुपोषण रोकना और उनका स्वास्थ्य बेहतर बनाना है। लेकिन ईसापुर गांव में हालात इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से बच्चों को न तो गर्म भोजन मिल रहा है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इससे गरीब परिवारों के बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे घर पहुंचकर भूख लगने की शिकायत करते हैं, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

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“बच्चे खाली पेट लौट रहे”

गांव के लोगों का कहना है कि सरकार बच्चों के लिए राशन और बजट भेजती है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उसका लाभ जरूरतमंद बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा। कई अभिभावकों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

एक ग्रामीण ने बताया कि करीब 15 दिनों से बच्चों को खाना नहीं मिला है। बच्चे घर लौटकर भूख की शिकायत करते हैं। अगर सरकार राशन भेज रही है तो फिर भोजन क्यों नहीं बन रहा, इसकी जांच होनी चाहिए।

विद्यालय प्रशासन ने बताई यह वजह

जब इस पूरे मामले में विद्यालय की हेड दिव्या गंगवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राशन उपलब्ध न होने की वजह से बच्चों का भोजन नहीं बन पाया। उनका कहना है कि राशन की कमी की जानकारी संबंधित विभाग को दे दी गई है। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि बच्चों के पोषण से जुड़ी इतनी अहम योजना में आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। अगर समय पर राशन नहीं पहुंचा तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है, यह अब जांच का विषय बनता जा रहा है।

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प्रशासन से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। गांव के लोगों को उम्मीद है कि मामला सामने आने के बाद अधिकारी जल्द संज्ञान लेंगे और बच्चों को दोबारा भोजन मिलना शुरू होगा।

Location :  Farrukhabad

Published :  16 May 2026, 2:32 PM IST