यूरिया के लिए बलरामपुर-गोंडा हाईवे पर हंगामा, जानें कैसे माने किसानऔर खुला जाम

खेती का सीजन शुरू होते ही यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसानों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने बलरामपुर-गोंडा राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 May 2026, 4:25 PM IST
बलरामपुर: जनपद में खेती का सीजन शुरू होते ही यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसानों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने बलरामपुर-गोंडा राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
किसानों को समझा-बुझाकर शांत
जिससे घंटों आवागमन बाधित रहा। हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिटी ज्योति श्री, नायब तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
बड़ी संख्या में किसान कतारों में खड़े
घटना की शुरुआत नवीन गल्ला मंडी परिसर स्थित इफको गोदाम से हुई, जहाँ सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान कतारों में खड़े थे। विवाद तब बढ़ा जब गोदाम कर्मचारियों ने आधार कार्ड के बजाय खतौनी की मांग शुरू कर दी। किसानों का आरोप है कि खतौनी दिखाने के बावजूद उन्हें प्रति व्यक्ति केवल एक बोरी खाद देने की बात कही गई, जिससे वे भड़क गए और गल्ला मंडी व चीनी मिल के सामने सड़क जाम कर दी।
टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की मांग
इस मामले पर जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र खरवार ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि गन्ने की टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की मांग बढ़ी है। शासन के निर्देशों के अनुसार, प्रति हेक्टेयर सात बोरी यूरिया का प्रावधान है, जिसे आवश्यकतानुसार किस्तों में वितरित किया जा रहा है।
कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी खतौनी साथ लाएं और सुव्यवस्थित तरीके से खाद प्राप्त करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बरती जाएगी और सभी पात्र किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

Location :  Balrampur

Published :  2 May 2026, 4:25 PM IST