महराजगंज के निचलौल में मूसलाधार बारिश के बावजूद ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई। बड़ी संख्या में नमाजी ईदगाह पहुंचे और अमन-चैन की दुआ मांगी। प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया।

निचलौल में अदा हुई ईद की नमाज (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Maharajganj: जनपद के निचलौल कस्बे में ईद-उल-फितर का त्योहार इस बार मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के बीच भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही तेज बारिश और बादलों की गर्जना के बावजूद नमाजियों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी। ईदगाह परिसर में बड़ी संख्या में लोग समय से पहले ही पहुंचने लगे थे। भीगते हुए भी अकीदतमंदों ने अल्लाह की इबादत के लिए अपने कदम पीछे नहीं खींचे।
शनिवार सुबह ठीक 8:30 बजे ईद की नमाज अदा की गई। नमाज में शामिल हजारों लोगों ने एक साथ सजदा कर देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बारिश के बावजूद पूरे माहौल में उत्साह और खुशियों का रंग साफ नजर आया।
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महराजगंज नगर के ईदगाह पर कारी इरशाद अहमद ने नमाज अदा कराई। उन्होंने अपने बयान में समाज में एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही देश की तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ भी कराई गई। नमाज के दौरान लोगों ने पूरे अनुशासन और शांति का परिचय दिया।
ईद के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। निचलौल थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की विशेष निगरानी रही। इसके अलावा एसएसबी के जवान भी सुरक्षा में तैनात रहे।
भारी संख्या में पहुंचे नमाजी शांतिपूर्ण माहौल (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
इस अवसर पर निचलौल के एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता, तहसीलदार अमित श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी बहुआर दीपक सिंह और मनीष यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने लगातार हालात पर नजर बनाए रखी और सुनिश्चित किया कि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
भारी भीड़ और बारिश के बावजूद यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी के साथ ट्रैफिक को नियंत्रित किया, जिससे लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। ईदगाह के आसपास के मार्गों पर विशेष बैरिकेडिंग भी की गई थी।
मूसलाधार बारिश जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ईद की नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की और एकता का संदेश दिया।
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ईद-उल-फितर का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दे गया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोगों की आस्था और अनुशासन ने यह साबित कर दिया कि त्योहारों की असली भावना आपसी प्रेम और सद्भाव में ही निहित है।