रानी तालाब मंदिर का रहस्य, जानें हर मंगलवार क्यों उमड़ता है आस्था का जनसैलाब?

बलरामपुर का रानी तालाब हनुमान मंदिर करीब 150 साल पुराना आस्था का केंद्र है। ज्येष्ठ माह के मंगलवार को यहां भारी भीड़ उमड़ती है और भक्त बजरंगबली के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं।

Updated : 5 May 2026, 9:21 PM IST

Balrampur : बलरामपुर को छोटी काशी कहा जाता है और यही पहचान यहां के प्राचीन मंदिरों से जुड़ी है। इन्हीं में से एक रानी तालाब हनुमान मंदिर है। यह श्रद्धा और भक्ति का ऐसा केंद्र है। जहां पहुंचते ही मन को शांति मिलती है। करीब 150 साल पुराने इस मंदिर में हर दिन भक्तों की आवाजाही रहती है। ज्येष्ठ माह में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा लगता है जैसे पूरा शहर भक्ति में डूब गया हो।

ज्येष्ठ माह में उमड़ता है जनसैलाब

जैसे ही ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है। इस मंदिर का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। हर मंगलवार को यहां बड़ा मंगल मनाया जाता है। जिसे बुढ़वा मंगल भी कहते हैं। सुबह होते ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं। दूर-दूर से आए श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते हैं। मंदिर परिसर में हर तरफ हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ गूंजता रहता है। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

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इस मंदिर का इतिहास भी उतना ही खास है जितनी इसकी आस्था। माना जाता है कि इसका निर्माण बलरामपुर रियासत के महाराजाओं ने कराया था। मंदिर की बनावट में उस समय की कला साफ नजर आती है। ऊंचे शिखर और खूबसूरत नक्काशी आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मंदिर के पास स्थित रानी तालाब इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है, जो इस जगह को और भी खास बना देता है।

रानी तालाब की अनोखी कहानी

मंदिर के पास बना रानी तालाब  अपने अंदर इतिहास समेटे हुए है। बुजुर्गों के मुताबिक, रियासतकाल में राज परिवार की महिलाएं यहां स्नान करती थीं, इसी वजह से इसका नाम रानी तालाब पड़ा। आज भी यह तालाब मंदिर की पहचान का अहम हिस्सा बना हुआ है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है।

आज भी कायम है आध्यात्मिक ऊर्जा

आधुनिक दौर में भी यह मंदिर अपनी पुरानी पहचान को संजोए हुए है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। प्रशासन और मंदिर समिति इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण में जुटी हुई है। जिससे यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।

Location :  Balrampur

Published :  5 May 2026, 9:21 PM IST