फर्जी लेटरहेड और ई-मेल से 35 लाख की साइबर ठगी, देवरिया पुलिस ने तीन शातिरों को दबोचा

देवरिया में साइबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। अपराधियों ने फर्जी कंपनी लेटरहेड, जाली हस्ताक्षर और नकली ई-मेल आईडी के जरिए बैंक को धोखे में लेकर 35.72 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये सुरक्षित करा लिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 August 2026, 3:09 PM IST

Deoria News: देवरिया में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर अपराधियों ने फर्जी कंपनी, नकली लेटरहेड और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंक को ही धोखे में डाल दिया। साइबर अपराधियों ने फर्जी ई-मेल के जरिए 35.72 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए। मामले का खुलासा करते हुए देवरिया साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

फर्जी कंपनी बनाकर रची ठगी की साजिश

पुलिस ने बताया कि 28 अगस्त को देवरिया स्थित तनिष्क ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर ने साइबर थाना पुलिस को सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि शादी के लिए आभूषण खरीदने के नाम पर उनके शोरूम के खाते में 34.50 लाख रुपये जमा हुए हैं, लेकिन यह लेनदेन संदिग्ध लग रहा है। जांच शुरू हुई तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस को पता चला कि मेरठ की AR Infraheights Pvt. Ltd. कंपनी के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार किया गया था। इसके साथ ही कंपनी के अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर और कंपनी से मिलती-जुलती फर्जी ई-मेल आईडी बनाई गई थी। इसी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक को ई-मेल भेजकर 35,72,801 रुपये विकास कुमार नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करा दिए गए।

पुलिस ने समय रहते बचाए लाखों रुपये

पुलिस जांच में सामने आया कि विकास कुमार के खाते से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में भेजे गए थे। साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस रकम को सुरक्षित करा लिया। पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह रकम पीड़ित पक्ष को वापस कराई जाएगी।

मोबाइल से मिले कई संदिग्ध लेनदेन

जांच के दौरान पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में अलग-अलग तारीखों पर 25.10 लाख रुपये और 21.85 लाख रुपये के अन्य संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है। अब पुलिस इन सभी लेनदेन की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

ऐसे करते थे साइबर ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बड़ी कंपनियों की पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद कंपनी के नाम से नकली लेटरहेड, जाली हस्ताक्षर और फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर बैंक अधिकारियों और खाताधारकों को भरोसे में लेते थे। इसके बाद रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था। बाद में पैसे निकालकर या उससे महंगी चीजों की खरीदारी कर रकम को ठिकाने लगाने की कोशिश की जाती थी।

चार मोबाइल और बाइक बरामद

देवरिया साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की बजाज पल्सर एन-160 मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में साइबर थाना देवरिया में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में साइबर थाना टीम ने की।

Location :  Deoria

Published :  31 August 2026, 3:09 PM IST