
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के सीईओ बनने के बाद खुशी का माहौल (Image: Dynamite News)
Deoria News: जिस गांव की गलियों में कभी एक बच्चे ने सपने देखे थे, वहीं से निकलकर वह देश की सबसे प्रतिष्ठित जिम्मेदारियों में से एक तक पहुंच गया। बिहार की सीमा से सटे देवरिया जिले के बनकटा ब्लॉक के भोपतपुरा गांव के मूल निवासी पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO होंगे। करीब 39 साल भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद अब उनके कंधों पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए देशभर से 5585 आवेदन आने की बात सामने आई है। कड़ी प्रतिस्पर्धा और चयन प्रक्रिया के बाद पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया। उनके चयन की खबर सामने आने के बाद देवरिया के भोपतपुरा गांव में भी खुशी का माहौल है। गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि उनके बीच से निकले बेटे की बड़ी उपलब्धि है।
जितेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन हासिल किया था। करीब 39 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने देश की सुरक्षा से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और करीब 3000 घंटे का फ्लाइंग अनुभव हासिल किया। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मिराज विमान से लेजर-गाइडेड बमों की तैनाती से जुड़ी जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका रही। लंबे और शानदार सैन्य करियर के बाद वह एयर मार्शल के पद तक पहुंचे।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। इसके अलावा एकीकृत रक्षा स्टाफ के उप प्रमुख के तौर पर भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे, एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल बेंगलुरु, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज अमेरिका और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज ब्रिटेन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा और प्रशिक्षण हासिल किया। इसी वर्ष 30 अप्रैल को वह भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।
जितेंद्र मिश्रा का परिवार फिलहाल दिल्ली में रहता है। उनके पिता नथुनी मिश्रा दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में लेक्चरर रहे हैं, जबकि उनकी मां का नाम सरस्वती देवी है। उनके भाई डॉ. देवेंद्र मिश्रा दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सक हैं। उनकी पत्नी वत्सला मिश्रा गृहिणी हैं और उनके दो बेटे हैं। एक बेटा जर्मनी में शिक्षा हासिल कर रहा है, जबकि दूसरा दिल्ली में पीएचडी की पढ़ाई कर रहा है। हालांकि गांव से उनका रिश्ता आज भी कायम है। भोपतपुरा में उनके चाचा और कई करीबी रिश्तेदार रहते हैं।
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने की खबर से उनके गांव के लोग बेहद उत्साहित हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि देश की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव अब राम मंदिर के प्रबंधन में भी काम आएगा। गांव के लोगों का कहना है कि भोपतपुरा के लिए इससे गर्व की बात और क्या होगी कि यहां का बेटा अब अयोध्या में श्रीराम मंदिर से जुड़ी इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालेगा।
Location : Deoria
Published : 2 September 2026, 10:03 PM IST