कागजी रिपोर्ट से पर्दाफाश! लापरवाही पर देवरिया के चार एडीओ पंचायत को नोटिस, क्या अब बचेगी इनकी नौकरी?

देवरिया में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही चार ADO पंचायत को भारी पड़ गई। डीएम ने गलत और अधूरी रिपोर्ट मिलने पर चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 September 2026, 5:45 PM IST

Deoria:  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट लगाने को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गंभीरता से लिया है। शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान कमियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जिले के चार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए स्पष्ट किया है कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भाटपाररानी में स्ट्रीट लाइट और हैंडपंप की शिकायत

जिलाधिकारी की कार्रवाई के दायरे में भाटपाररानी, सदर, गौरीबाजार और भटनी विकास क्षेत्र के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) आए हैं। भाटपाररानी के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा हैंडपंप की मरम्मत से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किया गया है। शिकायतों के समाधान के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने और निस्तारण में कमियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जवाब मांगा है।

इसी प्रकार सदर क्षेत्र के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को नाली पर जबरन कब्जे से संबंधित शिकायत के त्रुटिपूर्ण निस्तारण पर कारण बताओ नोटिस दिया गया है। शिकायत में बताए गए बिंदुओं का समुचित परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के बजाय निस्तारण में खामी मिलने पर यह कार्रवाई की गई

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गौरीबाजार और भटनी के मामलों में भी लापरवाही

गौरीबाजार के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को साफ-सफाई से संबंधित शिकायत के निस्तारण में लापरवाही के लिए नोटिस जारी हुआ है। वहीं भटनी के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को नई नाली निर्माण से जुड़ी शिकायत के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने पर जवाब तलब किया गया है।

कागजी खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आईजीआरएस पर आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके मूल तथ्यों की जांच की जाए। शिकायत के निस्तारण में केवल कागजी खानापूर्ति करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए और शिकायतकर्ता की समस्या का नियमानुसार समाधान कराया जाए। इसके बाद ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाए।

उन्होंने कहा कि आईजीआरएस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखते हैं। ऐसे में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी शिकायत का गलत, अधूरा अथवा त्रुटिपूर्ण निस्तारण होने से शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान नहीं होता और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

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संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस प्रकरणों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जारी नोटिस के संबंध में यदि संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Deoria

Published :  15 September 2026, 5:45 PM IST