Deoria News: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, काम नहीं करने वाले CHO पर होगी कार्रवाई

देवरिया में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को मिलकर काम करना होगा। लापरवाही करने वाले CHO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 9 September 2026, 9:08 PM IST

Deoria News: देवरिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को बड़ा सख्त रुख अपनाया। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने साफ कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

कलेक्ट्रेट कार्यकक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जिले के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार निगरानी की जाए और जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर किया जाए।

लापरवाह CHO पर होगी कार्रवाई

बैठक में जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के कामकाज को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो CHO अपनी जिम्मेदारियों में रुचि नहीं ले रहे हैं या लगातार लापरवाही कर रहे हैं, उनके खिलाफ निष्कासन की प्रक्रिया शुरू की जाए। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए जिम्मेदारी के साथ काम करना जरूरी है।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए समन्वय जरूरी

जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जाए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित होम विजिट कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने को कहा गया।

हर मातृ और शिशु मृत्यु का होगा ऑडिट

डीएम ने निर्देश दिए कि जिले में होने वाली प्रत्येक मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य रूप से ऑडिट कराया जाए। इसके जरिए मृत्यु के कारणों और स्वास्थ्य सेवाओं में रही कमियों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने 3ए यानी आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम के कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपकरणों की कमी मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी

बैठक में बीएचएसएनडी (ब्लॉक हेल्थ एंड न्यूट्रिशन डे) सत्रों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जरूरी स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इस महीने किसी भी केंद्र पर उपकरणों की कमी नहीं मिलनी चाहिए। अगर कमी पाई जाती है तो संबंधित एमओआईसी और खंड विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

स्वास्थ्य योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे करने के निर्देश

डीएम ने आभा आईडी जनरेशन में तेजी लाने के साथ ही जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम समेत अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

Location :  Deoria

Published :  9 September 2026, 9:08 PM IST