सुबह-सुबह स्कूलों में पहुंचे डीएम साहब और फिर जो हुआ, बटुलही के स्कूलों में 50% से कम हाजिरी देख भड़के अधिकारी

देवरिया जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 September 2026, 1:16 PM IST

Deoria: देवरिया जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह आठ बजे बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की स्थिति की जांच की।

बटुलही के स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम मिली छात्रों की उपस्थिति

विकासखंड बैतालपुर के कंपोजिट विद्यालय बटुलही और उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही के निरीक्षण में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम पाई गई। शिक्षकों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम मिली। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित कराने के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

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तेंदुई स्कूल में कम उपस्थिति, शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक

इसके बाद डीएम ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का निरीक्षण किया। यहां भी विद्यार्थियों की उपस्थिति कम मिली। हालांकि, बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। जिलाधिकारी ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और पठन-पाठन को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

KGBV में 91 छात्राएं मिलीं उपस्थित, सभी शिक्षक रहे मौजूद

डीएम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) का भी निरीक्षण किया। यहां 100 के सापेक्ष 91 छात्राएं उपस्थित मिलीं, जबकि सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी मिली। जिलाधिकारी ने उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और पठन-पाठन की व्यवस्था को संतोषजनक बताते हुए इसे लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

BEO को नियमित मॉनिटरिंग और शिक्षकों की उपस्थिति जांचने के निर्देश

जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में शिक्षक निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षण कार्य की लगातार समीक्षा करने को कहा।

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बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष फोकस

उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाने के लिए संदर्शिका एवं टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल) का प्रभावी उपयोग किया जाए। साथ ही बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ उनके सीखने के स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में केवल उपस्थिति ही नहीं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाए।

Location :  Deoria

Published :  16 September 2026, 1:16 PM IST