Chitrakoot Flood: पुल बहा, फिर भी Google Maps दिखा रहा रास्ता; मंदाकिनी की बाढ़ से बढ़ी परेशानी

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रामघाट से नयागांव होते हुए हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बना पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गया, लेकिन इसके बावजूद Google Maps पर यह रास्ता अभी भी चालू दिखाई दे रहा है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 17 September 2026, 4:25 PM IST

Chitrakoot: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रामघाट से नयागांव होते हुए हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बना पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गया, लेकिन इसके बावजूद Google Maps पर यह रास्ता अभी भी चालू दिखाई दे रहा है।

इस वजह से दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक मोबाइल मैप के भरोसे इस रास्ते पर पहुंच रहे हैं। मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें टूटा पुल और बंद रास्ता देखकर वापस लौटना पड़ रहा है।

टूटा पुल, लेकिन नहीं लगाए गए चेतावनी बोर्ड

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल टूटने के बाद भी दोनों ओर पर्याप्त बैरिकेडिंग और बड़े चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में अनजान लोग खतरे वाले स्थान तक पहुंच रहे हैं।

लोगों का कहना है कि बारिश, रात के समय या कम दृश्यता के दौरान यह स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती है। प्रशासन से मांग की गई है कि जल्द से जल्द रास्ते को पूरी तरह बंद करने के लिए मजबूत व्यवस्था की जाए।

हनुमान धारा जाने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी

चित्रकूट में हनुमान धारा मंदिर जाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। Google Maps पर रास्ता खुला दिखने के कारण कई वाहन चालक उसी मार्ग पर आगे बढ़ जाते हैं।

पुल के पास पहुंचने पर रास्ता बंद मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से डिजिटल मैप पर भी रास्ते की स्थिति अपडेट कराने की मांग की है।

बाढ़ ने रोकी नाविकों की रोजी-रोटी

मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ का असर सिर्फ यातायात पर ही नहीं बल्कि स्थानीय नाविकों की जिंदगी पर भी पड़ा है। 24 अगस्त से जलस्तर बढ़ने के बाद रामघाट पर नावों का संचालन बंद है।

नाविक संघ के मुताबिक, बाढ़ में 35 से अधिक नावें बहकर खराब हो गईं। करीब 20 दिनों से काम बंद होने के कारण 233 नाविक परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

400 से ज्यादा लोगों को बचाने में जुटे थे नाविक

बाढ़ के दौरान नाविकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यूपी और मध्य प्रदेश के 400 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की।

रामघाट नाविक संघ के अनुसार, 29 अगस्त को आई तेज बाढ़ में कई नावें बह गईं। नावें नष्ट होने के बाद अब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

मुआवजे की मांग कर रहे नाविक

रामघाट नाविक संघ के अध्यक्ष राम नारायण निषाद ने कहा कि बाढ़ के दौरान नाविकों ने लोगों की मदद की, लेकिन अभी तक उन्हें राहत या मुआवजा नहीं मिला है।

नाविकों ने प्रशासन से जल्द सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि यूपी और एमपी सीमा क्षेत्र से जुड़े होने के कारण राहत प्रक्रिया में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Location :  Chitrakoot

Published :  17 September 2026, 4:25 PM IST