9 अगस्त को रेलवे कर्मचारियों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, OPS और निजीकरण पर सरकार को देंगे बड़ा संदेश

रेलवे कर्मचारियों ने 9 अगस्त को बड़े जन कन्वेंशन का ऐलान कर अपनी मांगों को लेकर सरकार को साफ संदेश देने की तैयारी कर ली है। निजीकरण, पुरानी पेंशन बहाली और वेतन आयोग जैसे मुद्दे इस बैठक के केंद्र में रहेंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 August 2026, 7:22 PM IST

Chandauli: पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में रेलवे कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की आवाज बुलंद होने लगी है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (IREF/AICCTU संबद्ध) ने 9 अगस्त को विशाल जन कन्वेंशन आयोजित करने का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारियों के साथ विभिन्न केंद्रीय और राज्य कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कर्मचारियों का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है।

निजीकरण रोकने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग

पूर्व मध्य रेलवे के प्लांट डिपो, डीडीयू में आयोजित बैठक में यूनियन के केंद्रीय संगठन सचिव एस. के. शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने नई पेंशन योजना (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई।

इसके साथ ही उन्होंने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप बोनस देने और आठवें वेतन आयोग का जल्द गठन करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए।

ये भी पढ़ें- Hathras: संपूर्ण समाधान दिवस में अचानक पहुंचीं मंडलायुक्त, स्टॉलों का निरीक्षण करते ही अधिकारियों को दिए ये सख्त निर्देश

12 सूत्रीय मांगपत्र के साथ होगा जन कन्वेंशन

एस. के. शर्मा ने बताया कि 9 अगस्त को होने वाले जन कन्वेंशन में कर्मचारियों की 12 प्रमुख मांगों को लेकर चर्चा होगी। इस दौरान सरकार से इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की जाएगी। यूनियन का मानना है कि रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल बातचीत और ठोस फैसलों से ही संभव है।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ रेलवे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य कर्मचारी संगठनों की भागीदारी से इसे व्यापक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि कर्मचारियों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से उठाई जा सके।

ये भी पढ़ें- बगहा में यूरिया पर बवाल! पैसे लेने के बाद भी किसानों को नहीं मिली खाद, कालाबाजारी के आरोप

मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली कूच की चेतावनी

यूनियन ने संकेत दिए हैं कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो सभी कर्मचारी संगठन मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगे। एस. के. शर्मा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़ी संख्या में कर्मचारी दिल्ली कूच करेंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से आंदोलन में विश्वास रखता है। उनका कहना था कि कर्मचारियों की लड़ाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से लड़ी जाएगी और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जाएगा।

Location :  Chandauli

Published :  1 August 2026, 7:22 PM IST