पद से विदाई के बाद फिर राम मंदिर पहुंचे चंपत राय, 3 घंटे की बैठक में क्या हुआ?

राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी की घटना के करीब ढाई महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय अचानक मंदिर परिसर पहुंचे। यात्री सेवा केंद्र में कर्मचारियों के साथ करीब तीन घंटे की बैठक और 34 सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर चंपत राय की इस सक्रियता की वजह क्या है?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 September 2026, 1:02 PM IST

Ayodhya : राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी की घटना के करीब ढाई महीने बाद रविवार को एक बार फिर ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। पूर्व महासचिव चंपत राय अचानक मंदिर परिसर पहुंचे और यहां कर्मचारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में बैठक की। खास बात यह रही कि ट्रस्ट में पद और नई टीम के गठन के बाद यह पहली बार था, जब चंपत राय मंदिर परिसर में इस तरह सक्रिय नजर आए।**

यात्री सेवा केंद्र में हुई लंबी बैठक

चंपत राय ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के साथ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे। यहां मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े 12 से ज्यादा कर्मचारियों के साथ उन्होंने करीब तीन घंटे तक बातचीत की। बैठक में सुरक्षा, निगरानी और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़े इंतजामों पर चर्चा हुई। चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में चंपत राय की अचानक मौजूदगी और लंबी बैठक ने इस पूरे घटनाक्रम को और अहम बना दिया।

राम मंदिर में बड़ा बदलाव: अब रोज सार्वजनिक होगा दान और श्रद्धालुओं का पूरा ब्योरा, वेबसाइट पर मिलेगी जानकारी

बैठक के बाद यात्री सेवा केंद्र, दर्शन मार्ग और निकास मार्ग के आसपास निगरानी बढ़ाने के लिए 34 सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। यानी आने वाले दिनों में मंदिर परिसर के इन हिस्सों में कैमरों की निगरानी और मजबूत होती नजर आएगी।

पद गया, लेकिन अनुभव अब भी काम आ रहा?

ट्रस्ट की नई टीम बनने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की औपचारिक वापसी की संभावनाएं फिलहाल बेहद कम मानी जा रही हैं। इसके बावजूद मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े अहम मामलों में चंपत राय की सक्रियता यह संकेत जरूर देती है कि पद भले ही उनके पास नहीं है, लेकिन वर्षों का अनुभव अभी भी काम आ रहा है।

कैमरों की खरीद को लेकर भी खास निर्देश

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर भी कर्मचारियों को खास निर्देश दिए गए। कहा गया कि सभी कैमरे एक ही जगह से न खरीदे जाएं। हालांकि, एक कर्मचारी के मुताबिक चंपत राय के कुछ मेहमान दक्षिण भारत से अयोध्या आए थे और वह उनसे मिलने के लिए यात्री सेवा केंद्र पहुंचे थे।

वहीं, राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि उन्हें चंपत राय के यात्री सेवा केंद्र जाने और कर्मचारियों के साथ बैठक करने की कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर चंपत राय की यह अचानक मौजूदगी सिर्फ मेहमानों से मुलाकात तक सीमित थी या मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर इसके पीछे कोई बड़ी वजह भी थी?

Location :  Ayodhya

Published :  7 September 2026, 1:02 PM IST