
चंपत-अनिल की गैरमौजूदगी बनी चर्चा (Img : Google)
Ayodhya : राम मंदिर में चोरी को लेकर अयोध्या से बड़ी खबर सामने आई है। जहां राम मंदिर ट्रस्ट की बेहद अहम बैठक ने पूरे माहौल को बदल दिया। जिस बैठक को सामान्य प्रशासनिक चर्चा माना जा रहा था। वह अचानक बड़े विवाद और अंदरूनी टकराव की वजह से सुर्खियों में आ गई। चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे दो बड़े नाम इस बैठक से बाहर रहे और इसकी वजह ट्रस्ट के कुछ सदस्यों की सख्त शर्तें बताई जा रही हैं। कहा गया कि अगर ये दोनों बैठक में मौजूद रहते तो कई सदस्य बैठक में शामिल ही नहीं होते।
बैठक से पहले ही बना दबाव
सूत्रों के मुताबिक बैठक शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण था। ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने साफ तौर पर यह शर्त रख दी थी कि चंपत राय और अनिल मिश्रा की मौजूदगी में वे किसी भी चर्चा में हिस्सा नहीं लेंगे। इसी दबाव के चलते दोनों नाम बैठक से दूर रहे। यह फैसला अचानक नहीं बल्कि अंदरूनी सहमति और विरोध के बाद सामने आया, जिससे ट्रस्ट के भीतर चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए।
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बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। वह पहले से ही इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं क्योंकि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट भी उन्हीं को सौंपी गई थी। संजय प्रसाद राम मंदिर ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं। इसलिए बैठक में इस रिपोर्ट पर गंभीर चर्चा की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले फैसले इसी रिपोर्ट की दिशा तय करेंगे और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेंगे।
ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने कहा है कि शाम 5:30 बजे गोविंद देव गिरी इस पूरे फैसले और बैठक के नतीजों की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। वहीं विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि बैठक में जो भी निर्णय होगा, संगठन उसका स्वागत करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और अगर किसी पर आरोप साबित होते हैं तो उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
Location : Ayodhya
Published : 6 July 2026, 4:36 PM IST