गोरखपुर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज: डिजिटल ट्रेनिंग से तैयार हो रहे प्रगणक

गोरखपुर के खजनी तहसील क्षेत्र में जनगणना 2027 को लेकर तीन दिवसीय डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रहण और सत्यापन की जानकारी दी जा रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 April 2026, 6:48 PM IST

Gorakhpur: अब जनगणना भी हाईटेक होने जा रही है। कागज-कलम के दौर से आगे बढ़ते हुए सरकार 2027 की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी में जुटी है। इसी कड़ी में गोरखपुर के खजनी तहसील क्षेत्र में प्रशिक्षण का दौर शुरू हो गया है, जहां कर्मचारियों को नई तकनीक से लैस किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में डेटा कलेक्शन तेज, सटीक और पारदर्शी हो सके।

खजनी में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

गोरखपुर जनपद के खजनी तहसील क्षेत्र में सोमवार को द्रोपदी देवी फार्मेसी कॉलेज के प्रांगण हाल में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 मई तक चलेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम खजनी राजेश प्रताप ने की, जबकि संचालन तहसीलदार ध्रुवेश सिंह और नायब तहसीलदार के नेतृत्व में किया जा रहा है।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027

तहसीलदार ध्रुवेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जाएगी। इसके लिए सभी कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यही है कि सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक डिजिटल माध्यम से डेटा संकलन, अपडेट और सत्यापन की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ सकें।

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मोबाइल ऐप से होगा डेटा कलेक्शन

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि जनगणना के लिए मोबाइल फोन में एचएलओ (HLO) ऐप इंस्टॉल कर डेटा दर्ज किया जाएगा। इसी ऐप के माध्यम से जानकारी अपडेट और सत्यापन भी किया जाएगा। प्रगणकों को 31 बिंदुओं पर आधारित डेटा संग्रहण की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। प्रोजेक्टर के जरिए प्रशिक्षण को सरल और प्रभावी बनाया गया, जिससे प्रतिभागियों को हर स्टेप आसानी से समझ में आ सके।

भवन और मकान नंबरिंग पर विशेष जोर

ट्रेनिंग सत्र में भवन और मकान नंबरिंग की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि फील्ड में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए यह चरण बेहद अहम है। सही नंबरिंग से डेटा कलेक्शन में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार का भ्रम नहीं होगा।

विशेषज्ञों ने दी विस्तृत जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों की टीम स्वतंत्र भारती, रोहित कुमार, सुनील सिंह, रिजेश कुमार यादव, पवन आर्य, प्रदीप कुमार, अर्णव गांगुली, रवि कुमार, गगन कुमार, प्रदुम्न, अमन अग्रहरि, नितेश, राधे, दीपक और तनवीर ने प्रतिभागियों को जनगणना की अवधारणाओं, परिभाषाओं और प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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इतिहास से लेकर भविष्य तक की जानकारी

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि भारत में पहली जनगणना वर्ष 1881 में कराई गई थी और तब से यह प्रक्रिया लगातार जारी है। वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना स्वतंत्र भारत की नौवीं जनगणना होगी, जो पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी।

अधिकारियों ने दी अहम जिम्मेदारी की याद

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ कहा कि सटीक और पारदर्शी जनगणना के लिए सभी कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और फील्ड में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें।

Location :  Gorakhpur

Published :  20 April 2026, 6:48 PM IST