
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Kanpur: कानपुर के कैंट स्थित बंगला नंबर 34 में रहने वाले रक्षा उद्यमी मयंक अग्रवाल और उनके बेटे अक्षत अग्रवाल की कंपनी ‘ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड’ पर सीबीआई ने छापेमारी की है। कंपनी पर सेना के टेंडर हासिल करने के लिए रिश्वत देने और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के जरिए सेना के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क मजबूत करने के आरोप लगे हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद रक्षा आपूर्ति कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल मची हुई है।
मयंक अग्रवाल ने करीब 12 वर्ष पहले सेना में छोटे-छोटे मेटल आइटम की आपूर्ति के कारोबार से शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में कंपनी सीमित स्तर पर सैन्य सामग्री उपलब्ध कराती थी। बाद में बेटे अक्षत अग्रवाल के कारोबार में शामिल होने के बाद कंपनी ने तेजी से विस्तार किया।
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पिता-पुत्र की जोड़ी ने सेना के लिए टेक्सटाइल और रक्षा उपकरणों की सप्लाई के बड़े टेंडर लेने शुरू किए। कंपनी ने सेना के लिए वर्दी, टेंट, स्लीपिंग बैग, बुलेटप्रूफ जैकेट समेत कई सैन्य उत्पादों की आपूर्ति का कार्य संभाला। कुछ ही वर्षों में ‘ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड’ देश के प्रमुख डिफेंस सप्लायरों में शामिल हो गई।
जानकारी के अनुसार, मयंक अग्रवाल ने कारोबार को बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को भी कंपनी से जोड़ा। आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों के माध्यम से सेना के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच बनाई गई। दिल्ली, नोएडा, कोलकाता समेत कई शहरों में सेना के अधिकारियों से संपर्क मजबूत होने के बाद कंपनी को करोड़ों रुपये के रक्षा टेंडर मिलने लगे।
कंपनी ने देश के विभिन्न डिफेंस संस्थानों को सैन्य उत्पादों की आपूर्ति की। रक्षा क्षेत्र में कंपनी की तेजी से बढ़ती पकड़ और लगातार मिल रहे बड़े टेंडरों को लेकर पहले से ही चर्चाएं होती रही थीं।
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सीबीआई जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि अग्रवाल पिता-पुत्र लंबे समय से कोलकाता स्थित ईस्टर्न कमांड के कर्नल हिमांशु बाली के संपर्क में थे। जांच एजेंसी को संदेह है कि सेना के टेंडर हासिल करने के लिए रिश्वत दी गई और अनुचित लाभ उठाया गया।
Location : Kanpur
Published : 22 May 2026, 9:01 AM IST