BJP National Team: अमेठी सीट हारने वाली स्मृति ईरानी पर भाजपा ने क्यों खेला बड़ा दांव?

अमेठी में राहुल गांधी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में सुर्खियां बटोरने वाली स्मृति ईरानी को बीजेपी ने नई राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी दी है। उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मिली इस जिम्मेदारी को भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 17 August 2026, 8:26 PM IST

Amethi News: टेलीविजन के पर्दे से सियासत का सफर शुरू करने वाली स्मृति ईरानी पर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। उत्तर प्रदेश की चर्चित अमेठी लोकसभा सीट 2024 में हार के बाद भी भाजपा ने स्मृति ईरानी पर अपना भरोसा जताया और उनको राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी सौंपी हैं। गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा से हार के मानो स्मृति ईरानी की घर वापसी हो गई थी। अब यूपी विधानसभा चुनाव में महिलाओं को साधने के लिए भाजपा ने स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया है।

कभी राहुल गांधी को दी थी करारी हार

स्मृति ईरानी वही नेता हैं, जिन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी जैसी हाई प्रोफाइल सीट पर हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें इसी सीट से हार का सामना करना पड़ा था। अब करीब दो साल बाद बीजेपी ने उन्हें संगठन में बड़ी भूमिका देकर एक बार फिर सक्रिय कर दिया है।

यूपी चुनाव से पहले बीजेपी का बड़ा दांव

बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान सोमवार को किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से घोषित टीम में उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं को जगह मिली है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले स्मृति ईरानी को जिम्मेदारी देना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। यूपी में 403 विधानसभा सीटें हैं और 2027 के चुनाव में सत्ता बरकरार रखना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती होगी। स्मृति ईरानी को तेजतर्रार और आक्रामक वक्ता के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में पार्टी उन्हें विपक्ष के हमलों का जवाब देने और संगठन को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल कर सकती है।

राहुल गांधी को हराकर बनाई थी पहचान

स्मृति ईरानी का राजनीतिक सफर अमेठी से ही सबसे ज्यादा चर्चा में आया। साल 2019 में उन्होंने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाली अमेठी सीट पर राहुल गांधी को हराकर इतिहास रच दिया था। अमेठी लंबे समय तक गांधी परिवार का मजबूत राजनीतिक किला रही है। साल 2004, 2009 और 2014 में राहुल गांधी लगातार यहां से सांसद चुने गए थे। लेकिन 2019 में स्मृति ईरानी की जीत ने कांग्रेस के इस गढ़ को बड़ा झटका दिया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी सीट वापस हासिल कर ली और स्मृति ईरानी को हार का सामना करना पड़ा।

हार के बाद पहली बड़ी जिम्मेदारी

2024 के चुनाव में हार के बाद स्मृति ईरानी को पार्टी संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि बीजेपी में उनकी आगे की भूमिका क्या होगी। अब राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी देकर बीजेपी ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी अभी भी स्मृति ईरानी के अनुभव और राजनीतिक क्षमता पर भरोसा कर रही है।

कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक चेहरा बन सकती हैं स्मृति

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लगातार बीजेपी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर रही हैं। बेरोजगारी, युवाओं की नौकरी और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष हमलावर है। ऐसे में स्मृति ईरानी जैसे मुखर नेता को संगठन में अहम भूमिका देकर बीजेपी चुनावी रणनीति को मजबूत करना चाहती है। पार्टी को उम्मीद है कि वह यूपी में कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने और चुनावी माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

अमेठी में बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न

स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने की खबर के बाद अमेठी में बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। गौरीगंज स्थित बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाए, मिठाई बांटी और स्मृति ईरानी के समर्थन में नारे लगाए। जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में खुशी है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी को मिली नई जिम्मेदारी से पूरे जिले के बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

Location :  Amethi

Published :  17 August 2026, 8:18 PM IST